Samajwadi Party ने INDIA गठबंधन की एक अहम बैठक से दूरी बनाकर Congress के साथ जारी खींचतान को जगजाहिर कर दिया है। सीट शेयरिंग के फॉर्मूले और समय सीमा को लेकर बनी सहमति की कमी विपक्ष की एकता के लिए बड़ी चुनौती बन रही है।
Samajwadi Party (SP) ने नई दिल्ली में हुई INDIA गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक से किनारा कर लिया है। पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav ने खुद जाने के बजाय अपने प्रतिनिधि को भेजा, जिसे राजनीतिक गलियारों में अपनी शर्तों पर चर्चा बनाए रखने की एक सोची-समझी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।\n\nइस खींचतान की मुख्य वजह सीटों के बंटवारे की समय सीमा है। Congress चाहती है कि सीटों का मामला जल्द से जल्द सुलझा लिया जाए ताकि चुनावी तैयारी समय पर पूरी हो सके, जबकि Samajwadi Party थोड़ा वक्त लेकर स्थानीय स्तर पर अपनी मजबूती और उम्मीदवारों की क्षमता परखना चाहती है। इस मतभेद के कारण फिलहाल पूरी बातचीत ठंडे बस्ते में जाती दिख रही है।\n\nराजनीतिक स्थिरता और गठबंधन की एकजुटता सीधे तौर पर गवर्नेंस और नीतिगत फैसलों पर असर डालती है। हालांकि वित्तीय बाजार मुख्य रूप से मैक्रो-इकोनॉमिक डेटा और कॉर्पोरेट अर्निंग्स पर नजर रखते हैं, लेकिन देश का राजनीतिक ढांचा कितना स्थिर है, यह इन्वेस्टर सेंटिमेंट को प्रभावित करने वाला एक बड़ा फैक्टर है।\n\nफिलहाल, Congress अक्टूबर तक सीटों का बंटवारा फाइनल करने का दबाव बना रही है। अब बाजार और विश्लेषकों की नजर इस बात पर है कि क्या ये दोनों पार्टियां किसी समझौते पर पहुंच पाती हैं या यह गतिरोध गठबंधन के भविष्य पर भारी पड़ेगा। आने वाले समय में सीट-शेयरिंग को लेकर होने वाली औपचारिक घोषणाएं ही इस गठबंधन की दिशा तय करेंगी।
