बिश्केक में आयोजित 26वीं SCO समिट का समापन हो गया है, जिसमें रीजनल सिक्योरिटी, AI और रिन्यूएबल एनर्जी को प्राथमिकता दी गई है। चीन ने सदस्य देशों में **1 करोड़ किलोवाट** की फोटोवोल्टिक और विंड पावर क्षमता बढ़ाने का वादा किया है, जो सेंट्रल एशिया में इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रेड के लिए नए मौके पैदा कर सकता है।
बिश्केक में संपन्न हुई 26वीं SCO समिट में 'बिश्केक डिक्लेरेशन' समेत 28 महत्वपूर्ण समझौतों पर मुहर लगाई गई है। हालांकि SCO एक अंतर-सरकारी संगठन है, लेकिन यहां लिए गए फैसले सीधे तौर पर इन्वेस्टमेंट क्लाइमेट और ट्रेड इंफ्रास्ट्रक्चर को प्रभावित करते हैं।
सुरक्षा और डिजिटल सुरक्षा पर जोर
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने साइबर क्राइम, आतंकवाद और डिजिटल फ्रॉड जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए एक सामूहिक सुरक्षा रणनीति पर जोर दिया है। निवेशकों के लिए इसका मतलब है कि भविष्य में सदस्य देशों में क्रॉस-बॉर्डर बिजनेस और डिजिटल सेवाओं के लिए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क और कड़े हो सकते हैं।
टेक्नोलॉजी और रिन्यूएबल एनर्जी का बूस्ट
समिट का एक बड़ा हिस्सा टेक्नोलॉजी पर केंद्रित रहा। चीन ने एक इंटरनेशनल AI एप्लीकेशन कोऑपरेशन सेंटर शुरू करने का ऐलान किया है। रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में 1 करोड़ किलोवाट (फोटोवोल्टिक और विंड पावर) की बढ़ोत्तरी का लक्ष्य रखा गया है। अगले 3 सालों में 100 टेक्नोलॉजी प्रोजेक्ट्स को पूरा करने की योजना है, जिससे इस सेक्टर की कंपनियों के लिए टेंडर और कोलेबोरेशन के रास्ते खुलेंगे।
ट्रेड कॉरिडोर और चुनौतियां
ट्रांस-कैस्पियन इंटरनेशनल ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर को समर्थन देने से सप्लाई चेन को बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है। टियांजिन (Tianjin) में पोर्ट इकोनॉमिक कोऑपरेशन सेंटर खुलने से ट्रेड फ्लो आसान होने की उम्मीद है। हालांकि, सदस्य देशों के बीच बदलते आर्थिक एजेंडे और जियो-पॉलिटिकल तनाव निवेशकों के लिए जोखिम बने रहेंगे, जिस पर पैनी नजर रखने की जरूरत है।
