S. Jaishankar: मुंबई में अमेरिकी और UAE के मंत्रियों के साथ बड़ी बैठक, कारोबार और निवेश पर रहेगी नजर

WORLD-AFFAIRS
Whalesbook Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
S. Jaishankar: मुंबई में अमेरिकी और UAE के मंत्रियों के साथ बड़ी बैठक, कारोबार और निवेश पर रहेगी नजर

विदेश मंत्री S. Jaishankar **19-20 अक्टूबर** को मुंबई में अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio और UAE के विदेश मंत्री Sheikh Abdullah bin Zayed Al Nahyan की मेजबानी करेंगे। इस दौरे में ट्रेड टैरिफ, डिफेंस और फिनटेक निवेश जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।

कूटनीति से व्यापार की राह

विदेश मंत्रालय (MEA) ने 19 और 20 अक्टूबर को होने वाली इस उच्च स्तरीय बैठक के लिए पूरी तैयारी कर ली है। इस दौरान रक्षा, ऊर्जा सुरक्षा और उभरती प्रौद्योगिकियों के साथ-साथ व्यापार नीतियों को लेकर गंभीर मंथन होगा।

निवेशकों के लिए क्या है खास?

निवेशकों और बिजनेस जगत के लिए अमेरिकी पक्ष के साथ होने वाली बातचीत सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। इसमें ट्रेड टैरिफ और वीजा पॉलिसी से जुड़ी दिक्कतों पर चर्चा होगी, जिसका सीधा असर भारतीय IT और फार्मा सेक्टर पर पड़ता है। यदि इन बैठकों में व्यापार समझौते को लेकर कोई सकारात्मक संकेत मिलते हैं, तो यह बाजार की धारणा (Sentiment) के लिए बड़ा ट्रिगर साबित हो सकता है।

UAE के साथ फिनटेक और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर

UAE के विदेश मंत्री के साथ बैठक का मुख्य उद्देश्य 'कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' को और मजबूत करना है। इसमें फिनटेक, इंफ्रास्ट्रक्चर और डिफेंस को लेकर सहयोग बढ़ाने पर बात होगी। UAE भारत के लिए FDI का एक बड़ा स्रोत है, इसलिए वित्तीय सहयोग को सुव्यवस्थित करने के प्रयासों से निवेश के नए रास्ते खुल सकते हैं।

मुंबई ही क्यों?

सरकार अपनी कूटनीतिक बैठकों को दिल्ली से बाहर भारत के प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों में आयोजित करने पर जोर दे रही है। मुंबई में इस बैठक का आयोजन करने का मकसद प्राइवेट सेक्टर के लीडर्स और विदेशी मेहमानों के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है। मार्केट एक्सपर्ट्स अब इन बैठकों के नतीजों पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि यह देखा जा सके कि भविष्य की व्यापार नीतियों में क्या बदलाव आते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.