व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन शांति प्रयासों के लिए पीएम मोदी की सराहना की है। इससे भारत और रूस की पार्टनरशिप और मजबूत हुई है, जिसका लक्ष्य **2030** तक **$100 बिलियन** का ट्रेड करना है।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने वाल्दाई क्लब के मंच से पीएम मोदी की शांति पहल की जमकर तारीफ की है। पुतिन के इस बयान ने भारत और रूस के बीच 'स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' को नई ऊर्जा दी है।
आर्थिक रिश्तों पर असर
भारत के लिए यह कूटनीतिक मजबूती 2030 तक $100 बिलियन के द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक अहम कदम है। इस पार्टनरशिप का सीधा असर एनर्जी, डिफेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे कोर सेक्टरों पर पड़ेगा। जानकारों का मानना है कि दोनों देशों के बीच बेहतर तालमेल से सरकारी प्रोजेक्ट्स में तेजी आएगी और काम में निरंतरता बनी रहेगी।
रिस्क और चुनौतियां
हालांकि, लंबी अवधि के लिए स्थिरता दिख रही है, लेकिन ग्लोबल जियो-पॉलिटिक्स का दबाव अभी भी बरकरार है। पश्चिमी देशों की ओर से रूस पर लगे प्रतिबंधों का असर वित्तीय और डिफेंस प्रोजेक्ट्स पर पड़ सकता है। इसके अलावा, व्यापार घाटे (Trade Deficit) को संतुलित करना भी एक बड़ी चुनौती है। निवेशकों की नजर अब इस पर है कि ये कूटनीतिक वादे कैसे ऑयल रिफाइनिंग, शिपिंग और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टरों में ऑपरेशनल आसानी लाते हैं और क्या ये कंपनियां वैश्विक प्रतिबंधों के बीच अपना कामकाज सुचारू रख पाती हैं।
