ब्लैक सी में रूसी ड्रोन के हमले से Turkish कार्गो शिप 'Royad Mammadov' पूरी तरह तबाह हो गया है। इस घटना में कप्तान समेत 2 लोगों की मौत हो गई है, जिससे अनाज सप्लाई चेन और ग्लोबल शिपिंग सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है।
हमले की पूरी कहानी
5 अक्टूबर 2026 को ब्लैक सी में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। तुर्की के स्वामित्व वाला और सेंट किट्स एंड नेविस के झंडे वाला मालवाहक जहाज 'Royad Mammadov' मक्के की खेप लेकर जा रहा था, तभी रोमानिया के पास अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में उस पर रूसी ड्रोन से हमला हुआ। इस हमले के बाद जहाज में आग लग गई और अंततः वह समुद्र में डूब गया।
रोमानियाई अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस हमले में 2 लोगों की मौत हो गई है, जिसमें जहाज का कप्तान भी शामिल है। वहीं, 11 अन्य क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बचा लिया गया है। इस घटना में भारतीय और अजरबैजान के नागरिकों के शामिल होने के कारण भारत सरकार भी इस पर बारीकी से नजर बनाए हुए है।
ग्लोबल मार्केट पर असर
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब ब्लैक सी अनाज के व्यापार के लिए दुनिया का सबसे अहम गलियारा माना जाता है। निवेशकों के लिए चिंता की बात यह है कि इस तरह के हमलों से वैश्विक स्तर पर खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ सकती हैं। शिपिंग लाइन्स अब 'war risk' सरचार्ज (बीमा प्रीमियम) बढ़ा सकती हैं, जिसका सीधा असर फ्रेट कॉस्ट पर पड़ेगा और मक्का व गेहूं जैसी कमोडिटी महंगी हो सकती हैं।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या यह घटना ब्लैक सी में कमर्शियल शिपिंग पर सख्त प्रतिबंधों को जन्म देगी या फिर बीमा कंपनियों का रुख और सख्त होगा। फिलहाल, शिपिंग लॉजिस्टिक्स और कमोडिटी मार्केट में बढ़ती अस्थिरता ने बड़े खिलाड़ियों की चिंता बढ़ा दी है।
