13 सितंबर, 2026 को यूक्रेन के Yahodyn रेलवे स्टेशन पर रूसी ड्रोन हमले से लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। पोलैंड बॉर्डर के पास हुए इस हमले ने अंतरराष्ट्रीय ट्रांजिट कॉरिडोर की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
13 सितंबर, 2026 को यूक्रेन के वोलिन क्षेत्र में स्थित Yahodyn रेलवे स्टेशन पर रूसी ड्रोन ने निशाना साधा, जो पोलैंड की सीमा से मात्र 2 किलोमीटर की दूरी पर है। यह हमला एक बड़े हवाई हमले का हिस्सा था। हालांकि इस दौरान कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन स्टेशन पर मौजूद एक लोकोमोटिव को भारी नुकसान पहुंचा है।
हाई-प्रोफाइल हस्तियों की मौजूदगी
यह हमला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि यहां से कुछ ही समय पहले पूर्व ब्रिटिश पीएम Boris Johnson, पूर्व स्वीडिश पीएम Carl Bildt और अन्य यूरोपीय अधिकारी गुजरे थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, हमले के वक्त पूर्व CIA डायरेक्टर David Petraeus के साथ वाली ट्रेन भी स्टेशन पर मौजूद थी, जो यूक्रेन में सुरक्षित परिवहन की चुनौतियों को दर्शाता है।
अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव
Yahodyn स्टेशन माल और राहत सामग्री के लिए एक अहम लॉजिस्टिक हब है। पास ही एक फ्यूल स्टेशन पर हमले के कारण Yahodyn-Dorohusk बॉर्डर क्रॉसिंग को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। यूक्रेनी अधिकारियों का कहना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर को हर साल करीब $10 बिलियन का नुकसान हो रहा है। इतना ही नहीं, लॉजिस्टिक्स में आ रही बाधाओं के कारण साल 2026 की GDP ग्रोथ में 1.5% की गिरावट का अनुमान है।
सरकारी कंपनी की चुनौती
Ukrzaliznytsia (यूक्रेनी रेलवे) इस समय हाई-थ्रेट प्रोटोकॉल के तहत काम कर रही है। कंपनी लगातार अपने रूट और शेड्यूल में बदलाव कर रही है ताकि जोखिम को कम किया जा सके। लेकिन NATO बॉर्डर के इतने करीब बढ़ते हमलों ने व्यापारिक और मानवीय आपूर्ति की स्थिरता पर बड़े खतरे पैदा कर दिए हैं।
