14 अक्टूबर 2026 को कीव (Kyiv) पर हुए रूसी मिसाइल और ड्रोन हमले ने शहर की बिजली व्यवस्था को तहस-नहस कर दिया है। CHP-4 पावर प्लांट को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे **6,00,000** लोग बिना बिजली के रहने को मजबूर हैं और **2** लोगों की मौत की खबर है।
इस हमले में रूस ने कुल 39 बैलिस्टिक मिसाइलों और 120 से अधिक ड्रोन का उपयोग किया, जो पिछले कुछ महीनों में सबसे आक्रामक सैन्य कार्रवाई में से एक है। इस हमले में न केवल नागरिक जीवन को नुकसान पहुंचा है, बल्कि कीव के महत्वपूर्ण यूटिलिटी नेटवर्क और बिजली ग्रिड को भी गहरा घाव मिला है।
कमोडिटी मार्केट और एनर्जी सप्लाई पर असर
विंटर सीजन के करीब आने के कारण ऊर्जा की मांग बढ़ रही है, ऐसे में इस हमले ने ईस्टर्न यूरोप (Eastern Europe) की एनर्जी सप्लाई चेन को अस्थिर कर दिया है। मार्केट एनालिस्ट्स का मानना है कि इस जियोपोलिटिकल टेंशन के चलते कमोडिटी प्राइसेस (Commodity Prices) में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। बिजली ग्रिड के डैमेज होने से लॉजिस्टिक्स और एसेंशियल सर्विसेज पर भी दबाव बढ़ा है।
जेलेन्स्की का बयान
यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy ने पुष्टि की है कि बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च की कोई पूर्व सूचना नहीं थी। अब पूरी दुनिया की नजरें इस पर टिकी हैं कि युद्धग्रस्त क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति कितनी जल्दी बहाल की जा सकेगी, क्योंकि आने वाले हफ्तों में ठंड के बीच यही स्थिति रीजनल स्टेबिलिटी के लिए सबसे बड़ा रिस्क फैक्टर बनी हुई है।
