12 सितंबर, 2026 को रूस ने यूक्रेन में मिसाइल और ड्रोन से बड़ा हमला किया है, जिसमें ऊर्जा ढांचे और Zaporizhstal स्टील प्लांट को भारी नुकसान पहुंचा है। इस हमले के बाद ग्लोबल मार्केट में सप्लाई चेन और खाने-पीने की चीजों की कीमतों में उछाल की चिंता बढ़ गई है।
औद्योगिक और आर्थिक चोट
रूस ने 12 सितंबर, 2026 को ओडेसा, ज़ापोरिज्जिया और क्रिवी रिह जैसे इलाकों में बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से भीषण हमला किया। हमले का मुख्य निशाना यूक्रेन का पावर ग्रिड और औद्योगिक इकाइयां थीं। सबसे बड़ी खबर Zaporizhstal स्टील प्लांट से है, जिसे 4 बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया गया। इस प्लांट पर लगातार हो रहे हमलों ने यूक्रेन की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता पर गहरा संकट खड़ा कर दिया है।
महंगाई और सप्लाई चेन पर असर
एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस हमले का सीधा असर आम आदमी की थाली पर पड़ सकता है। वेयरहाउस और स्टोरेज सुविधाओं को निशाना बनाए जाने के कारण जरूरी सामानों की कीमतों में 2.5% से 15% तक की बढ़ोतरी होने का अनुमान है। सर्दियों के करीब आने के साथ, पावर ग्रिड पर बढ़ते दबाव के कारण औद्योगिक उत्पादन ठप होने का डर बना हुआ है, जिससे कंपनियों की लागत और सप्लाई चेन की अस्थिरता बढ़ सकती है।
जियोपॉलिटिकल तनाव का नया मोड़
तनाव तब और गहरा गया जब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने चेतावनी दी कि यदि कोई यूरोपीय देश इस युद्ध में सैन्य दखल देता है, तो इसे सीधे तौर पर 'युद्ध की घोषणा' माना जाएगा। इस सख्त बयानबाजी ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता पैदा कर दी है। निवेशक अब इस बात पर नजर रखे हुए हैं कि ऊर्जा ढांचे और लॉजिस्टिक रूट को होने वाला यह नुकसान आने वाले हफ्तों में वैश्विक मार्केट सेंटिमेंट को कैसे प्रभावित करता है।
