रूसी सुरक्षा एजेंसियों ने एक **21 वर्षीय** मोल्दोवन नागरिक को गिरफ्तार किया है, जिस पर सारातोव रीजन में एक सीनियर सैन्य अधिकारी पर जानलेवा हमला करने का आरोप है। यह घटना रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण Engels एयर बेस के पास हुई और माना जा रहा है कि इसे विदेशी खुफिया एजेंसी के इशारे पर अंजाम दिया गया था।
हमले की पूरी साजिश
रूसी फेडरल सिक्योरिटी सर्विस (FSB) के अनुसार, संदिग्ध को अस्त्रखान रीजन से उस समय पकड़ा गया जब वह देश छोड़कर भागने की फिराक में था। यह हमला 3 सितंबर को प्रोबुज्डेनी सेटलमेंट में हुआ था, जिसमें सैन्य अधिकारी को 6 गोलियां मारी गईं। पीड़ित अभी अस्पताल में भर्ती है।
एयर बेस की सुरक्षा पर सवाल
हमले की लोकेशन ने सुरक्षा विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। Engels एयर बेस रूस का एक अत्यंत संवेदनशील सैन्य ठिकाना है, जहाँ से रूस का लॉन्ग-रेंज बॉम्बर फ्लीट संचालित होता है। इतनी सुरक्षित जगह के पास सुरक्षा में चूक होने के बाद रक्षा विभाग अब अपने अधिकारियों की सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा कर रहा है।
खुफिया एजेंसी का बड़ा खुलासा
रूसी जांच समिति (Investigative Committee) ने खुले तौर पर दावा किया है कि इस हमले को यूक्रेनी खुफिया सेवाओं ने स्पॉन्सर्ड किया था। जांच में सामने आया है कि संदिग्ध को 2025 में रिक्रूट किया गया था और इस काम के लिए उसे $70,000 का लालच दिया गया था। संदिग्ध पर अब हत्या के प्रयास और अवैध हथियार रखने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
क्यों बढ़ रहे हैं ऐसे मामले?
यह कोई इकलौती घटना नहीं है। हाल के महीनों में सेंट पीटर्सबर्ग से लेकर येकातेरिनबर्ग तक सैन्य अधिकारियों और रक्षा कर्मियों पर हमलों का एक सिलसिला सा चल रहा है। इन बढ़ते खतरों को देखते हुए क्रेमलिन ने सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने और बड़े सरकारी अधिकारियों की सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा करने के निर्देश दिए हैं।
