इजरायली अखबार Haaretz की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने 7 अक्टूबर, 2023 के हमलों से 10 दिन पहले बेंजामिन नेतन्याहू को चेतावनी दी थी। हालांकि, इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
क्या थी रिपोर्ट में जानकारी?
पत्रकारों श्लोमी एल्डर और रूथ युवल की किताब 'किडनैप्ड: 843 डेज ऑफ एबेंडनमेंट' के हवाले से यह दावा किया गया है कि UAE ने हमास के बड़े हमले की जानकारी इजरायल को दी थी। रिपोर्ट के अनुसार, इस इंटेलिजेंस इनपुट को प्रधानमंत्री कार्यालय ने नजरअंदाज कर दिया और इसे सुरक्षा कैबिनेट के साथ साझा नहीं किया।
PMO का कड़ा रुख
इस मामले पर इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि UAE के राष्ट्रपति और बेंजामिन नेतन्याहू के बीच ऐसी कोई फोन कॉल नहीं हुई थी। सरकार ने इन दावों को 'सरासर झूठ' करार देते हुए इसे बेबुनियाद बताया है।
राजनीतिक हलचल और चुनाव का दबाव
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब इजरायल में 27 अक्टूबर, 2026 को आम चुनाव होने वाले हैं। पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट और पूर्व IDF चीफ गडी आइजनकोट जैसे विपक्षी नेता इस रिपोर्ट का इस्तेमाल सरकार पर दबाव बनाने के लिए कर रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि उच्च-स्तरीय इंटेलिजेंस को अनदेखा करना सरकार की बड़ी विफलता है।
मार्केट और जियोपॉलिटिकल असर
फिलहाल इस रिपोर्ट का कोई सीधा असर आर्थिक आंकड़ों पर नहीं दिखा है, लेकिन मध्य पूर्व में अस्थिरता हमेशा से अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए चिंता का विषय रही है। भविष्य में चुनाव के नतीजे और सरकारी सुरक्षा जांच के अपडेट्स क्षेत्रीय स्थिरता और अब्राहम एकॉर्ड्स (Abraham Accords) जैसे कूटनीतिक समझौतों की दिशा तय कर सकते हैं।
