Reform UK को मिला **£72 मिलियन** का चंदा, कानूनी जांच के घेरे में फंसी पार्टी

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Reform UK को मिला **£72 मिलियन** का चंदा, कानूनी जांच के घेरे में फंसी पार्टी

ब्रिटिश राजनीति के इतिहास का सबसे बड़ा चंदा Reform UK को मिला है। दो क्रिप्टो निवेशकों ने पार्टी को **£72 मिलियन** की भारी-भरकम राशि दान की है, लेकिन यह सफलता अब एक बड़े संकट में बदल गई है क्योंकि मेट्रोपॉलिटन पुलिस विदेशी फंडिंग कानूनों के उल्लंघन को लेकर पार्टी की जांच कर रही है।

ब्रिटिश राजनीति में एक बड़े बदलाव की आहट के साथ Reform UK ने £72 मिलियन का फंड हासिल कर इतिहास रच दिया है। यह राशि दो प्रमुख क्रिप्टो निवेशकों, बेन डेलो और क्रिस्टोफर हारबोर्न द्वारा दी गई है, जिन्होंने £36-36 मिलियन का योगदान दिया है। हालांकि, यह रिकॉर्ड ब्रेकिंग फंडिंग पार्टी के लिए मुसीबत का सबब बन गई है।

पुलिस की रडार पर फंडिंग

मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने पार्टी की फाइनेंसिंग को लेकर आपराधिक जांच शुरू कर दी है। जांच का मुख्य केंद्र यह है कि क्या यह पैसा यूके के चुनावी कानूनों के तहत आया है, जिसके अनुसार चंदा केवल पंजीकृत ब्रिटिश मतदाताओं या यूके में शामिल संस्थाओं से ही आना चाहिए। हालिया खुलासों के बाद पार्टी के वरिष्ठ अधिकारी डैन ज्यूक्स और जेम्स ओर ने इस्तीफा दे दिया है।

नाइजेल फराज और विवाद

पार्टी के लीडर नाइजेल फराज भी अलग से जांच का सामना कर रहे हैं। पार्लियामेंट्री स्टैंडर्ड्स कमिश्नर इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या उन्होंने क्रिस्टोफर हारबोर्न से मिले £5 मिलियन के व्यक्तिगत उपहार का खुलासा करने में चूक की है। फराज का कहना है कि यह एक निजी मामला था।

कंपनी स्ट्रक्चर पर सवाल

दिलचस्प बात यह है कि यह पार्टी 'Reform 2025 Ltd' नाम की एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के रूप में काम करती है। इस कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर ने कानूनी और वित्तीय जवाबदेही को लेकर बहस तेज कर दी है। अब सभी की निगाहें मेट्रोपॉलिटन पुलिस और इलेक्टोरल कमीशन की रिपोर्ट पर टिकी हैं कि क्या यह फंडिंग वैध है या पार्टी को गंभीर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.