पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के रावलकोट में सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर बड़ा क्रैकडाउन किया है। **5 नवंबर, 2026** को हुई इस कार्रवाई में ड्रोन का इस्तेमाल किया गया, जिसमें **7** लोगों की जान चली गई और **23** लोग घायल हुए हैं।
तनाव की स्थिति तब और गंभीर हो गई जब पाकिस्तानी रेंजर्स और फ्रंटियर कॉर्प्स ने सुबह 8 बजे एक बड़ा ऑपरेशन शुरू किया। यह प्रदर्शन 'जम्मू एंड कश्मीर ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी' के नेतृत्व में चल रहा था, जो जून 2026 से रावलकोट बस टर्मिनल पर लगातार धरना दे रहे थे। प्रदर्शनकारी लंबे समय से क्षेत्र में राजनीतिक और आर्थिक सुधारों की मांग कर रहे हैं।
बढ़ता तनाव और ड्रोन का इस्तेमाल
स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुरक्षा बलों ने न केवल भारी मशीनों का उपयोग किया, बल्कि पहली बार प्रदर्शन स्थलों और रिहायशी इलाकों में मिलिट्री ड्रोन का भी इस्तेमाल किया। जून 2026 से शुरू हुए इस पूरे संघर्ष में अब तक मरने वालों का आंकड़ा 150 के पार पहुंच चुका है।
जियो-पॉलिटिकल रिस्क और मार्केट सेंटीमेंट
भले ही इस घटना का भारतीय शेयर बाजार पर सीधा असर न हो, लेकिन पड़ोसी क्षेत्र में अस्थिरता और तनाव का बढ़ना सुरक्षा के नजरिए से एक बड़ा चिंता का विषय है। संचार ब्लैकआउट होने के कारण जमीनी स्थिति का सही आकलन करना मुश्किल हो रहा है, जिससे इस इलाके में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। निवेशक और विश्लेषक इस घटनाक्रम को बारीकी से देख रहे हैं, क्योंकि इस तरह की जियो-पॉलिटिकल अस्थिरता अक्सर क्रॉस-बॉर्डर संबंधों और सुरक्षा नीतियों को प्रभावित करती है।
