नरसंहार और मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व बोस्नियाई सर्ब सैन्य कमांडर Ratko Mladić का 84 साल की उम्र में हेग स्थित UN जेल में निधन हो गया है।
बोस्नियाई युद्ध के दौरान सैन्य कमांडर रहे Ratko Mladić का निधन हेग में संयुक्त राष्ट्र (UN) की हिरासत में हुआ है। वह पिछले कई सालों से उम्रकैद की सजा काट रहे थे।
क्रूर इतिहास का अंत
Mladić को साल 2017 में इंटरनेशनल क्रिमिनल ट्रिब्यूनल फॉर द फॉर्मर यूगोस्लाविया (ICTY) ने दोषी ठहराया था। अदालत ने उन्हें 1995 के स्रेब्रेनिका नरसंहार का मुख्य सूत्रधार माना था, जिसमें 8,000 से अधिक पुरुषों और लड़कों की हत्या कर दी गई थी। साथ ही, उन पर साराजेवो की घेराबंदी का भी आरोप था, जो करीब 4 साल तक चली थी। ये घटनाएं द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोप के इतिहास के सबसे हिंसक अध्यायों में गिनी जाती हैं।
लंबी कानूनी लड़ाई और गिरफ्तारी
युद्ध खत्म होने के बाद Mladić लगभग 16 सालों तक कानून की नजरों से बचते रहे और 2011 में सर्बिया से पकड़े गए। उनकी गिरफ्तारी के बाद चला ट्रायल इंटरनेशनल जस्टिस के लिए एक ऐतिहासिक केस बन गया। अपने ट्रायल के दौरान, Mladić ने बार-बार अदालत की वैधता पर सवाल उठाए और खुद को निर्दोष बताते रहे।
2021 में अदालत ने उनकी सजा को बरकरार रखा और स्वास्थ्य आधार पर उनकी रिहाई की अपील को खारिज कर दिया था। उनका जाना अंतरराष्ट्रीय आपराधिक कानून के एक बड़े अध्याय का अंत माना जा रहा है, जिसने भविष्य के लिए सैन्य नेताओं की जवाबदेही तय करने की एक बड़ी मिसाल कायम की है।
