विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने 25 जुलाई 2026 को बिहार के सिवान में घायल हुए छात्रों से मुलाकात की है। इन छात्रों ने प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर AK-47 इस्तेमाल करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे राज्य में प्रशासनिक जवाबदेही पर बहस तेज हो गई है।
नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने दिल्ली में 3 सितंबर 2026 को उन छात्रों से मुलाकात की जो सिवान के JP चौक पर विरोध प्रदर्शन के दौरान घायल हुए थे। इस मुलाकात का वीडियो 6 सितंबर को जारी किया गया, जिसने राज्य में परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है।\n\nपीड़ित छात्रों का दावा है कि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के बजाय अत्यधिक बल का प्रयोग किया, जिसमें एक कॉन्स्टेबल द्वारा AK-47 चलाने की बात भी सामने आई है। इस घटना के वीडियो क्लिप्स वायरल होने के बाद से ही पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।\n\nहालांकि, Bihar Police का कहना है कि यह फायरिंग केवल आत्मरक्षा में और हवा में की गई थी क्योंकि वहां स्थिति काफी हिंसक हो गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित कॉन्स्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया है और विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। लेकिन विपक्ष का आरोप है कि छात्रों की जायज मांगों पर यह प्रतिक्रिया बेहद अमानवीय और गलत थी।\n\nयह पूरा मामला राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' (Chhatron Ki Goonj) कैंपेन का हिस्सा है, जिसके जरिए वे देश भर में शिक्षा और रोजगार से जुड़ी समस्याओं को उठा रहे हैं। सरकारी नौकरियों में भर्ती में देरी और पेपर लीक जैसी समस्याएं न केवल प्रशासनिक मोर्चे पर चुनौतियां पेश कर रही हैं, बल्कि देश के युवा वर्ग के भविष्य पर भी गहरा असर डाल रही हैं। निवेशकों और बाजार के जानकारों के लिए यह घटना राज्य की प्रशासनिक स्थिरता को समझने के नजरिए से महत्वपूर्ण है, क्योंकि सरकारी नीतियों की विश्वसनीयता सीधे तौर पर सामाजिक-आर्थिक माहौल को प्रभावित करती है।
