RAW Founder R.N. Kao’s 1974 Intelligence Warning to Mujib: जब भारत की खुफिया चेतावनी को कर दिया गया था नजरअंदाज

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
RAW Founder R.N. Kao’s 1974 Intelligence Warning to Mujib: जब भारत की खुफिया चेतावनी को कर दिया गया था नजरअंदाज

साल 1974 में RAW के संस्थापक R.N. Kao ने बांग्लादेश के तत्कालीन नेता Sheikh Mujibur Rahman को तख्तापलट की खुफिया जानकारी दी थी। बावजूद इसके, चेतावनी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई और 1975 में उनका कत्ल हो गया।

साल 1974 में भारत की खुफिया एजेंसी RAW के प्रमुख R.N. Kao ने ढाका में एक बेहद गोपनीय और हाई-स्टेक्स मिशन को अंजाम दिया था। एक ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव की आड़ में उन्होंने Sheikh Mujibur Rahman से मुलाकात की। इस मुलाकात का मकसद उन्हें बांग्लादेश सेना के भीतर पनप रही एक बड़ी साजिश और तख्तापलट की योजना के बारे में आगाह करना था। RAW ने उन्हें बहुत सटीक इनपुट दिए थे, जिसमें साजिश रचने वाली सेना की इकाइयों और प्रमुख अधिकारियों के नाम तक शामिल थे।

क्यों नहीं हुआ कोई एक्शन?

मिल रही सटीक खुफिया जानकारी के बावजूद, साल 1971 में बांग्लादेश को आजादी दिलाने वाले Sheikh Mujibur Rahman ने इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। ऐतिहासिक दस्तावेजों के मुताबिक, उनका यह फैसला उन सैनिकों और अधिकारियों के प्रति अटूट भरोसे का नतीजा था, जिन्होंने उनके साथ मुक्ति संग्राम में लड़ाई लड़ी थी। उन्हें यकीन था कि उनकी सेना कभी उनके खिलाफ ऐसी गद्दारी नहीं कर सकती। इसी भरोसे ने सुरक्षा उपायों को लागू करने से उन्हें रोक दिया, जो बाद में देश के लिए घातक साबित हुआ।

इतिहास में दर्ज वह काला दिन

नतीजा 15 अगस्त 1975 को सामने आया, जब बागी सैनिकों ने धनमंडी 32 स्थित उनके आवास पर हमला कर दिया। Sheikh Mujibur Rahman और उनके परिवार के अधिकतर सदस्यों की हत्या ने बांग्लादेश के पूरे राजनीतिक ढांचे को हिला कर रख दिया। इसके बाद देश में लंबे समय तक सैन्य शासन रहा और दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में एक बड़ा बदलाव आया।

यह घटना आज भी खुफिया एजेंसियों और नीति-निर्माताओं के बीच के जटिल संबंधों का एक बड़ा केस स्टडी है। यह दिखाती है कि जब कोई एजेंसी अस्तित्व के लिए खतरे की सटीक चेतावनी देती है, तब भी आखिरी फैसला लेने वाले की इच्छाशक्ति ही निर्णायक होती है। यह इतिहास का वह सबक है जहाँ व्यक्तिगत भरोसे ने रणनीतिक सुरक्षा को दरकिनार कर दिया और परिणाम विनाशकारी रहे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.