रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin ने यूक्रेन संघर्ष को लेकर शांति प्रस्तावों पर विचार करने के संकेत दिए हैं। हालांकि, उन्होंने हालिया सीमा विवादों का हवाला देते हुए कड़े सैन्य जवाब देने की चेतावनी भी दी है, जिससे ग्लोबल मार्केट में अनिश्चितता का माहौल है।
सेंट पीटर्सबर्ग में एक बयान के दौरान रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin ने साफ किया कि रूस यूक्रेन के साथ चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के लिए बातचीत के प्रस्तावों पर विचार करने को तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी समझौता मास्को के रणनीतिक हितों की सुरक्षा पर आधारित होना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वार्ता का रास्ता अभी रूस की रणनीतिक स्थिति के आकलन पर निर्भर करेगा।
अस्थिरता बरकरार
शांति के संदेश के बावजूद, स्थिति अभी भी बेहद तनावपूर्ण है। पुतिन ने सीमावर्ती रूसी बुनियादी ढांचे और पोलिंग स्टेशनों पर हुए हमलों का बदला लेने के लिए जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है। उन्होंने इन घटनाओं के लिए सीधे तौर पर कीव को जिम्मेदार ठहराया है, जो शांति प्रक्रिया शुरू होने में एक बड़ी बाधा है। इस दोहरी नीति—बातचीत का ऑफर और सैन्य धमकियां—ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स की चिंता बढ़ा दी है।
नई तकनीक का इस्तेमाल
रूसी प्रशासन ने युद्ध क्षेत्र में नई 'जेट-पावर्ड' ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल का भी जिक्र किया है। मॉस्को का दावा है कि ये आधुनिक हथियार यूक्रेनी एयर डिफेंस को चुनौती दे रहे हैं और इसका इस्तेमाल भविष्य की बातचीत में 'लीवरेज' के तौर पर किया जाएगा।
मार्केट पर असर
निवेशकों के लिए यह स्थिति अनिश्चितता पैदा करती है। जब भी रूस-यूक्रेन संघर्ष बढ़ता है, तो एनर्जी, फर्टिलाइजर और अनाज जैसी कमोडिटीज की सप्लाई चेन पर खतरा मंडराने लगता है। भारत, जो क्रूड ऑयल का बड़ा आयातक है, के लिए ग्लोबल कीमतों में उतार-चढ़ाव सीधे तौर पर आर्थिक जोखिम पैदा करता है। बाजार फिलहाल इस बात पर नजर गड़ाए हुए है कि क्या ये राजनयिक संकेत वास्तविक वार्ता में बदलेंगे या युद्ध की तीव्रता और बढ़ेगी।
