कनाडा के प्रधानमंत्री Mark Carney ने संकेत दिए हैं कि प्रधानमंत्री Narendra Modi इस दिसंबर कनाडा की यात्रा पर आ सकते हैं। दोनों देशों के बीच ट्रेड डील को लेकर बातचीत में तेजी आई है, जो सालाना **$22 बिलियन** से अधिक के गुड्स और सर्विसेज के व्यापार के लिए काफी अहम मानी जा रही है।
ट्रेड बातचीत में आई तेजी
कनाडा के प्रधानमंत्री Mark Carney ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान इस संभावित दौरे की पुष्टि की है। यह राजनयिक कदम पिछले साल G20 समिट में दोनों नेताओं द्वारा किए गए उस वादे का हिस्सा है, जिसमें उन्होंने इस साल के अंत तक व्यापारिक मुद्दों को सुलझाने का संकल्प लिया था। इस दिसंबर फ्लोरिडा में U.S. राष्ट्रपति Donald Trump की मेजबानी में होने वाला G20 समिट इस बातचीत के लिए एक महत्वपूर्ण टाइमलाइन है।
आर्थिक दांव (Economic Stakes)
भारत और कनाडा के बीच व्यापारिक रिश्ते काफी मजबूत हैं। साल 2024 में दोनों देशों के बीच गुड्स ट्रेड $8.6 बिलियन रहा। भारत ने $4.2 बिलियन का निर्यात किया, जबकि आयात $4.4 बिलियन का रहा। वहीं, सर्विस ट्रेड पिछले साल $14.3 बिलियन का था, जिसमें भारत ने $2.5 बिलियन का निर्यात किया और $11.8 बिलियन का आयात किया। किसी भी संभावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का लक्ष्य इन असंतुलनों को दूर करना और दोनों देशों के मैन्युफैक्चरर्स के लिए मार्केट एक्सेस बढ़ाना होगा।
कूटनीति का नया दौर
मार्च 2025 में Justin Trudeau के बाद कनाडा के प्रधानमंत्री का पद संभालने वाले Mark Carney इस दौरे को अपनी आर्थिक प्राथमिकताओं का एक अहम हिस्सा मान रहे हैं। मोदी का यह प्रस्तावित कनाडा दौरा जून 2025 में G7 समिट के दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात के बाद हो रहा है। ओटावा अपनी अंतरराष्ट्रीय आर्थिक स्थिति को स्थिर करने के लिए भारतीय व्यापार के साथ एकीकरण को प्राथमिकता दे रहा है।
