सियोल डिफेंस डायलॉग के दौरान Philippines के डिफेंस सेक्रेटरी Gilberto Teodoro Jr. ने चीन की एक अनचाही चिट्ठी को सार्वजनिक रूप से नकार दिया। उन्होंने इसे मेजबान देश के प्रति अपमानजनक और जबरदस्ती का तरीका बताया है।
सियोल में आयोजित 15वें Seoul Defense Dialogue के दौरान एक हैरान करने वाली घटना सामने आई। 8 सितंबर, 2026 को पैनल डिस्कशन के बीच, एक चीनी मिलिट्री अताशे ने Philippines के डिफेंस सेक्रेटरी Gilberto Teodoro Jr. को मंच पर ही एक नोट देने की कोशिश की।
क्या था उस चिट्ठी में?
उस नोट में बीजिंग का वही पुराना दावा था कि 2016 का इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन फैसला (जो साउथ चाइना सी से जुड़ा है) अवैध है। Teodoro ने कूटनीतिक मर्यादाओं को दरकिनार करते हुए उस नोट को सबके सामने पढ़ा और चीन के इस कदम को 'बुलिंग' (Bullying) और जबरदस्ती करार दिया। उन्होंने साफ कहा कि मेजबान देश South Korea के मंच का इस तरह इस्तेमाल करना बेहद अपमानजनक है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
भले ही इस घटना का भारतीय या ग्लोबल शेयर बाजार पर कोई सीधा असर नहीं पड़ा है, लेकिन साउथ चाइना सी में बढ़ता तनाव एक चिंता का विषय है। यह इलाका ग्लोबल ट्रेड और एनर्जी शिपिंग के लिए लाइफलाइन माना जाता है। निवेशक इसे केवल एक कूटनीतिक विवाद के तौर पर नहीं, बल्कि आने वाले समय में शिपिंग सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स चेन में संभावित रिस्क के रूप में देख रहे हैं। अभी तक किसी कॉर्पोरेट या फाइनेंशियल कंपनी पर इसका सीधा असर नहीं दिखा है, लेकिन जिओ-पॉलिटिकल तनाव Asia-Pacific रीजन की डिफेंस पॉलिसी को जरूर प्रभावित कर रहा है।
