Indus Waters Treaty: सिंधु जल समझौते पर पाकिस्तान की चेतावनी, क्षेत्रीय तनाव बढ़ने का खतरा

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Indus Waters Treaty: सिंधु जल समझौते पर पाकिस्तान की चेतावनी, क्षेत्रीय तनाव बढ़ने का खतरा

पाकिस्तान के डिप्टी प्राइम मिनिस्टर इशाक डार ने सिंधु जल समझौते (Indus Waters Treaty) को लेकर बड़ी चेतावनी दी है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने अप्रैल 2025 से इस समझौते को अबेयेंस (abeyance) में रखा है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

पानी पर छिड़ा कूटनीतिक विवाद

पाकिस्तान के डिप्टी प्राइम मिनिस्टर इशाक डार ने एक वर्चुअल सेमिनार के दौरान कहा है कि 1960 के इस ऐतिहासिक समझौते में किसी भी तरह की छेड़छाड़ क्षेत्रीय शांति के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। यह बयान दोनों देशों के बीच लंबे समय से चल रही कूटनीतिक तनातनी को और बढ़ाता है।

क्यों ठंडे बस्ते में है समझौता?

भारत ने अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद इस ट्रीटी को अबेयेंस में रखने का कड़ा फैसला लिया था। भारत का स्पष्ट मानना है कि सीमा पार आतंकवाद पर जब तक ठोस और वेरिफिएबल कदम नहीं उठाए जाते, तब तक इस समझौते की शर्तों पर सामान्य रूप से आगे बढ़ना मुश्किल है। हालांकि, पाकिस्तान इसे एक अंतरराष्ट्रीय बाध्यकारी समझौता बताकर इसके एकतरफा निलंबन का विरोध कर रहा है।

पाकिस्तान के लिए क्यों है यह जरूरी?

पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और फूड सिक्योरिटी काफी हद तक सिंधु नदी प्रणाली पर निर्भर है। वहां करीब 25 करोड़ से ज्यादा लोगों की आजीविका इसी नदी बेसिन से जुड़ी है। यही कारण है कि पाकिस्तान इसे अपने नेशनल सिक्योरिटी का मुद्दा बना रहा है।

निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

शेयर बाजार के लिहाज से देखें तो यह कोई सीधा फाइनेंशियल इवेंट नहीं है, लेकिन जियो-पॉलिटिकल तनाव अक्सर मार्केट सेंटिमेंट को प्रभावित करता है। निवेशक और मार्केट वॉचर्स इस मामले पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि क्षेत्रीय अस्थिरता मैक्रोइकोनॉमिक्स और मार्केट कॉन्फिडेंस पर असर डाल सकती है।

वर्ल्ड बैंक की भूमिका

आपको बता दें कि 1960 में इस समझौते को वर्ल्ड बैंक की मध्यस्थता में साइन किया गया था। वर्तमान में यह ट्रीटी राजनीतिक और सुरक्षा चुनौतियों के कारण अपने सबसे कठिन दौर से गुजर रही है। अब सबकी नजरें इस पर टिकी हैं कि क्या कूटनीतिक स्तर पर कोई बातचीत होगी या यह गतिरोध आगे भी जारी रहेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.