Pakistan: प्रांतों के बंटवारे का नया प्लान, क्या बढ़ेगा राजनीतिक संकट?

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Pakistan: प्रांतों के बंटवारे का नया प्लान, क्या बढ़ेगा राजनीतिक संकट?

Pakistan अपने चार प्रांतों को **12 से 15** छोटे प्रशासनिक हिस्सों में बांटने पर विचार कर रहा है। मिलिट्री नेतृत्व समर्थित इस प्रस्ताव से सत्ता के केंद्रीकरण और गृहयुद्ध जैसे हालात पैदा होने की चिंता बढ़ गई है।

गवर्नेंस या सत्ता पर कंट्रोल?

पाकिस्तानी प्रशासन इस समय देश के मौजूदा नक्शे को पूरी तरह बदलने की कवायद में जुटा है। इसके तहत पंजाब, सिंध, खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान को 160 जिलों या 15 छोटे प्रशासनिक यूनिट्स में तोड़ने का प्लान है। सरकार का तर्क है कि इससे गवर्नेंस बेहतर होगी, लेकिन आलोचकों का मानना है कि इसका असली मकसद मिलिट्री का प्रभाव बढ़ाना और प्रमुख राजनीतिक दलों जैसे PML-N और PPP के जनाधार को कमजोर करना है।

आर्थिक और सुरक्षा चुनौतियां

यह प्रस्ताव ऐसे नाजुक वक्त पर आया है जब पाकिस्तान पहले से ही भारी महंगाई और PTI के विरोध प्रदर्शनों से जूझ रहा है। बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा जैसे संवेदनशील इलाकों में सीमाओं को फिर से तय करना अलगाववादी भावनाओं को भड़का सकता है। निवेशकों के लिए यह एक बड़ा 'रेड फ्लैग' है, क्योंकि इससे क्षेत्र में 'रिस्क प्रीमियम' बढ़ सकता है और ट्रेड सेंटीमेंट्स पर बुरा असर पड़ सकता है।

संवैधानिक संकट की आहट

इस प्लान के सामने सबसे बड़ी कानूनी बाधा '18वां संशोधन' (18th Amendment) है, जो प्रांतों को स्वायत्तता देता है। अगर सरकार इसे जबरन लागू करने की कोशिश करती है, तो देश में एक लंबा कानूनी और संवैधानिक संघर्ष शुरू हो सकता है। फिलहाल बाजार की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सरकार इसे संसद में लाएगी या सीधे कार्यकारी आदेश (Executive Decree) से लागू करने की कोशिश करेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.