पाकिस्तान की मिलिट्री ने PTI के 4 अक्टूबर को इस्लामाबाद में होने वाले प्रदर्शन को लेकर कड़ी चेतावनी दी है। राजनीतिक तनाव के कारण अर्थव्यवस्था को हर दिन **PKR 120 अरब** के नुकसान का अनुमान है, जिससे IMF प्रोग्राम पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
सैन्य नेतृत्व का कड़ा रुख
रावलपिंडी में हुई 277वीं कोर कमांडर्स कॉन्फ्रेंस के दौरान मिलिट्री ने साफ कर दिया है कि देश में आंतरिक स्थिरता किसी भी हाल में समझौता करने योग्य नहीं है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि मई 2023 के दंगों जैसी किसी भी स्थिति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इससे निपटने के लिए सेना 'डिसाइसिव फोर्स' का इस्तेमाल करेगी।
इकोनॉमी पर गहरा असर
इस्लामाबाद में सुरक्षा के लिए 22,000 सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है और रास्तों को कंटेनरों से ब्लॉक कर दिया गया है। इन सुरक्षा इंतज़ामों पर सरकार अब तक PKR 1 अरब से ज्यादा खर्च कर चुकी है। विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के लॉकडाउन से देश को रोजाना PKR 120 अरब का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
IMF प्रोग्राम पर मंडराया संकट
निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चिंता पाकिस्तान की नाजुक आर्थिक स्थिति और IMF के साथ चल रही बातचीत है। राजनीतिक अस्थिरता के कारण फॉरेन इन्वेस्टमेंट (Foreign Investment) आने की संभावना कम हो गई है और करेंसी मार्केट में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। अगर प्रदर्शन के कारण ट्रेड और ट्रांजिट रूट बाधित होते हैं, तो इंटरनेशनल लेंडर्स के साथ चल रहे मौजूदा रिव्यू में गंभीर बाधाएं आ सकती हैं।
फिलहाल, सरकार और PTI के बीच बातचीत जारी है, लेकिन जमीनी स्तर पर तनाव बरकरार है। मार्केट की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या 4 अक्टूबर का दिन शांतिपूर्ण बीतेगा या देश एक और बड़े आर्थिक संकट की ओर बढ़ेगा।
