पाकिस्तान के कोहाट जिले में स्थित एक पुलिस कंपाउंड की मस्जिद में हुए भीषण आतंकी हमले में **21** लोगों की जान चली गई है, जिनमें **15** पुलिस अधिकारी शामिल हैं। धमाकों और गोलीबारी की इस घटना में **100** से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, जिसने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शुक्रवार को प्रार्थना के समय पाकिस्तान के कोहाट जिले में पुलिस बैरक के पास स्थित मस्जिद को निशाना बनाकर एक घातक आतंकी हमला किया गया। हमलावरों ने विस्फोटकों से भरी एक गाड़ी को पुलिस सुविधा केंद्र के प्रवेश द्वार पर टकरा दिया। शुरुआती धमाके के बाद, परिसर में घुसे बंदूकधारियों और सुरक्षा बलों के बीच लंबी मुठभेड़ चली। इसी दौरान पास की स्पेशल ब्रांच बिल्डिंग में एक दूसरा सुसाइड ब्लास्ट हुआ, जिससे हताहतों की संख्या बढ़ गई।
मेडिकल अधिकारियों के अनुसार, मरने वालों में 15 पुलिसकर्मी और कई नागरिक शामिल हैं। 100 से अधिक घायलों को लियाकत मेमोरियल अस्पताल और डिस्ट्रिक्ट हेडक्वार्टर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटनास्थल पर मलबे और धमाकों के कारण बड़े गड्ढे देखे गए हैं। पुलिस का दावा है कि मुठभेड़ में 6 आतंकवादियों को मार गिराया गया है, जिनमें सुसाइड बॉम्बर और स्नाइपर शामिल थे। फिलहाल कोहाट-हंगू रोड को सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया गया है।
यह हमला खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में बढ़ती अस्थिरता का संकेत है। हमले की जिम्मेदारी Ittehad-ul-Mujahideen Pakistan ने ली है। इस घटना पर राष्ट्रपति Asif Ali Zardari और प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने कड़ा रुख अपनाते हुए इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया है। सरकार अब पेशावर से सटे इलाकों में सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा कर रही है।
क्षेत्रीय निवेशकों और हितधारकों के लिए अब सुरक्षा एजेंसियों की नई रिपोर्ट और सीमावर्ती क्षेत्रों में होने वाले नीतिगत बदलावों पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि इनका सीधा असर क्षेत्रीय लॉजिस्टिक्स और आवाजाही पर पड़ सकता है।
