बडगाम में हुए हालिया ऑपरेशन को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। पाकिस्तानी सेना ने उस दावे को खारिज किया है जिसमें एक पूर्व SSG कमांडो के मारे जाने की बात कही गई थी।
जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में हुए हालिया एंटी-मिलिटेंसी ऑपरेशन के बाद नई दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच तनाव बढ़ गया है। भारतीय सुरक्षा बलों ने मंगलवार रात एक ऑपरेशन में मोहम्मद आसिफ (उर्फ हाशिम मूसा) को ढेर करने का दावा किया था। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, मृतक पाकिस्तान आर्मी की स्पेशल सर्विसेज ग्रुप (SSG) का पूर्व हवलदार था और अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले से भी जुड़ा था।
पाकिस्तान का अजीबोगरीब दावा
भारतीय दावों के जवाब में, पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें उन्होंने उसी नाम के एक व्यक्ति को पेश किया और दावा किया कि वह साल 2023 में रिटायर हो चुका है और रावलपिंडी में रह रहा है। पाकिस्तान का कहना है कि सोशल मीडिया पर अपनी मौत की खबर सुनकर वह खुद हैरान है।
सुरक्षा और कूटनीति पर असर
भारतीय सुरक्षा अधिकारियों ने अपने रुख पर कायम रहते हुए बताया कि मारा गया व्यक्ति लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का एक अहम ऑपरेटिव था, जो पिछले 3 सालों से कई हमलों में शामिल था। इस घटना से सीमा पार रिश्तों में कड़वाहट और अधिक बढ़ गई है। भले ही इसका सीधा असर कॉरपोरेट जगत पर न हो, लेकिन निवेशकों के लिए यह क्षेत्रीय स्थिरता और भू-राजनीतिक माहौल को समझने के लिहाज से महत्वपूर्ण है, क्योंकि ऐसे घटनाक्रम बाजार की सेंटीमेंट को प्रभावित कर सकते हैं।
