Rooppur Power Project: पाकिस्तान का बड़ा दांव, बांग्लादेश के न्यूक्लियर फ्यूल वाली फ्लाइट रोकी

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AuthorMehul Desai|Published at:
Rooppur Power Project: पाकिस्तान का बड़ा दांव, बांग्लादेश के न्यूक्लियर फ्यूल वाली फ्लाइट रोकी

पाकिस्तान ने बांग्लादेश के Rooppur Nuclear Power Plant के लिए आ रहे रूसी यूरेनियम फ्यूल विमान को अपने एयरस्पेस से गुजरने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। इस अड़चन के कारण फ्यूल की सप्लाई अब अक्टूबर तक टल गई है, जो बांग्लादेश के पावर ग्रिड की स्थिरता के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

रूस की सरकारी कंपनी Rosatom द्वारा संचालित यह फ्लाइट 24 सितंबर को बांग्लादेश पहुंचने वाली थी। पाकिस्तान के इस फैसले से एक बड़ी लॉजिस्टिकल समस्या खड़ी हो गई है। हालांकि देरी अभी केवल कुछ हफ्तों की है, लेकिन यह अंतरराष्ट्रीय एनर्जी सप्लाई चेन में बढ़ते जियोपॉलिटिकल जोखिमों को साफ दिखाता है।

बांग्लादेश की एनर्जी स्ट्रैटेजी पर असर

बांग्लादेश की इकोनॉमी के लिए Rooppur प्रोजेक्ट बहुत अहम है। देश अपनी बढ़ती ऊर्जा जरूरतों के लिए इम्पोर्टेड नेचुरल गैस पर भारी निर्भरता से जूझ रहा है। बिजली की कमी (Load-shedding) के चलते वहां के टेक्सटाइल और फार्मा जैसे बड़े सेक्टर्स पर बुरा असर पड़ रहा है। निवेशकों के लिए यह प्रोजेक्ट इस बात का पैमाना है कि कैसे ऊर्जा स्थिरता भविष्य में इन इंडस्ट्रियल सेक्टर्स के मुनाफे और ऑपरेशनल लागत को प्रभावित करेगी।

क्या प्रोजेक्ट में और देरी होगी?

Rosatom का कहना है कि यह मामला प्रोजेक्ट की डेडलाइन को पटरी से नहीं उतारेगा। दिसंबर तक 7 और कार्गो फ्लाइट्स के जरिए फ्यूल पहुंचाने की योजना है, जिससे Unit-2 का काम समय पर पूरा हो सके। फिलहाल दोनों देशों के बीच इसे लेकर कोई बड़ा राजनयिक विवाद नहीं है।

निवेशकों को अब बाकी बची फ्यूल शिपमेंट्स की डिलीवरी तारीखों पर नजर रखनी होगी। यदि सप्लाई चेन में और रुकावट आती है, तो बांग्लादेश का एनर्जी इम्पोर्ट पर खर्च बढ़ सकता है, जिसका सीधा असर वहां काम कर रही कंपनियों के मार्जिन पर दिख सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.