कोहाट में हुए घातक आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के आर्मी चीफ Asim Munir ने खैबर-पख्तूनख्वा में सुरक्षा अभियान तेज करने का आदेश दिया है। इस हमले में **21** लोगों की जान गई थी, जिसके बाद क्षेत्रीय सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल Asim Munir ने खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत में काउंटर-टेररिज्म ऑपरेशन को तुरंत विस्तार देने का निर्देश दिया है। कोहाट स्थित पुलिस फैसिलिटी पर हुए हालिया हमले में 21 लोगों की मौत हुई और 100 से ज्यादा लोग घायल हुए, जिसके बाद यह बड़ा फैसला लिया गया है। पेशावर कोर मुख्यालय के दौरे पर जनरल मुनीर ने बॉर्डर मैनेजमेंट को मजबूत करने और घुसपैठियों के खिलाफ और अधिक आक्रामक रुख अपनाने पर जोर दिया है।
क्षेत्रीय अस्थिरता और निवेशकों के लिए मायने
इन्वेस्टर कम्युनिटी के लिए दक्षिण एशिया में भू-राजनीतिक अस्थिरता एक बड़ा चिंता का विषय है। सरहद पर बढ़ता तनाव और आंतरिक सुरक्षा की चुनौतियां अक्सर बाजार में उतार-चढ़ाव (Volatility) का कारण बनती हैं। इससे व्यापारिक माहौल और क्रॉस-बॉर्डर स्टेबिलिटी पर असर पड़ता है, जिसे लेकर वैश्विक विश्लेषक नजर बनाए हुए हैं।
अफगानिस्तान बॉर्डर का मुद्दा
इस्लामाबाद में अधिकारियों का मानना है कि अफगान सीमा से संचालित हो रहे विद्रोही नेटवर्क एक बड़ी चुनौती हैं। 2021 में काबुल में नेतृत्व परिवर्तन के बाद से Tehreek-e-Taliban Pakistan जैसे समूहों द्वारा सीमा पार हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं। पाकिस्तानी सेना की अब प्राथमिकता पश्चिमी सीमा पर सख्ती बढ़ाना है, ताकि इन आतंकी सेल्स को रोका जा सके। आने वाले हफ्तों में यह सुरक्षा अभियान कितना कारगर साबित होता है, यह क्षेत्र में व्यापार और आर्थिक स्थिरता की दृष्टि से बहुत अहम होगा।
