बिश्केक में आयोजित 26वें SCO समिट में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने आतंकवाद को लेकर सख्त स्टैंड लिया है। उन्होंने साफ कहा कि आतंकी गुटों का रणनीतिक इस्तेमाल बंद होना चाहिए, जो सीधे तौर पर क्षेत्रीय आर्थिक स्थिरता और ट्रेड के लिए चुनौती है।
बिश्केक, किर्गिस्तान में आयोजित 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने क्षेत्रीय सुरक्षा पर अपना कड़ा रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आतंकवाद को कभी भी 'जियोपॉलिटिकल टूल' के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने सदस्य देशों से आतंकी इंफ्रास्ट्रक्चर को खत्म करने और सुरक्षा को लेकर दोहरा रवैया न अपनाने की अपील की।
बाजार पर असर
यह संदेश पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif की मौजूदगी में दिया गया, जो भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति को दर्शाता है। निवेशकों और बाजार के जानकारों के लिए यह समझना जरूरी है कि क्षेत्र में शांति ही ट्रेड और इन्वेस्टमेंट की पहली शर्त है। आतंकवाद और अलगाववाद जैसी स्थितियां सप्लाई चेन को बाधित कर सकती हैं, जिससे कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स की रफ्तार धीमी पड़ सकती है।
डिप्लोमेसी और ग्लोबल मार्केट
समिट के दौरान PM Modi की Russian President Vladimir Putin के साथ हुई मुलाकात काफी अहम रही। दोनों नेताओं के बीच Ukraine संकट को लेकर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान युग युद्ध का नहीं, बल्कि शांति का है। यह रुख ग्लोबल कमोडिटी मार्केट्स और इंटरनेशनल ट्रेड की स्थिरता के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।
भारत और चीन के संबंध
इस समिट में सबसे गौर करने वाली बात यह रही कि PM Modi और Chinese President Xi Jinping के बीच कोई द्विपक्षीय बातचीत नहीं हुई। New Delhi और Beijing के बीच बरकरार यह कूटनीतिक दूरी क्षेत्रीय संबंधों और SCO के तहत होने वाली आर्थिक परियोजनाओं की गति पर असर डालती है। निवेशकों को सलाह है कि वे इन जियोपॉलिटिकल डेवलपमेंट्स पर पैनी नजर रखें, क्योंकि ये आने वाले समय में ट्रेड पॉलिसी को प्रभावित कर सकती हैं।
