ओमान में बढ़ा कंपनियों का खर्च, अप्रवासी श्रमिकों के नियमों में बदलाव!
ओमान सरकार अपने श्रम बाजार को संतुलित करने और राष्ट्रीय रोजगार को बढ़ावा देने के अपने विजन 2040 (Vision 2040) के तहत एक बड़ा कदम उठा रही है। इसी कड़ी में, देश के श्रम मंत्रालय ने अप्रवासी कामगारों के वर्क परमिट और प्रैक्टिस लाइसेंस की फीस में बड़ा बदलाव किया है।
नई फीस प्रणाली: फायदे और नुकसान
नई व्यवस्था के तहत, जो कंपनियां 'ओमानाइजेशन' के अपने तय लक्ष्यों को पूरा करती हैं या उनसे आगे निकल जाती हैं, उन्हें 'ग्रीन कैटेगरी' में रखा जाएगा। इन कंपनियों को अप्रवासी वर्क परमिट और प्रैक्टिस लाइसेंस की फीस पर 30% की छूट मिलेगी। यह उन कंपनियों के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन है जो ओमान के नागरिकों को काम पर रखने और उन्हें प्रशिक्षित करने को प्राथमिकता देती हैं।
इसके विपरीत, जो नियोक्ता इन राष्ट्रीय रोजगार लक्ष्यों को पूरा करने में विफल रहते हैं, उन्हें 'नॉन-कंप्लायंट' माना जाएगा। ऐसे में, उन्हें मानक वर्क परमिट फीस का दोगुना भुगतान करना होगा। यह कदम विदेशी श्रमिकों पर निर्भरता कम करने और व्यवसायों को स्थानीय प्रतिभा में अधिक निवेश करने के लिए मजबूर करेगा। मई 2025 तक ओमान में औसतन 18.1 लाख अप्रवासी काम करते थे, इसलिए इस नीति का असर कई कंपनियों पर पड़ेगा।
क्षेत्रीय ट्रेंड और आर्थिक रणनीति
ओमान का यह कदम खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) देशों में एक व्यापक प्रवृत्ति के अनुरूप है, जहां नागरिकों को रोजगार देना एक महत्वपूर्ण आर्थिक और सामाजिक लक्ष्य है। सऊदी अरब के 'निटाकत' (Nitaqat) कार्यक्रम और यूएई जैसे देशों ने पहले से ही ऐसे कड़े नियम लागू किए हैं। ओमान का विजन 2040 अर्थव्यवस्था में विविधता लाने, हाइड्रोकार्बन पर निर्भरता कम करने और राष्ट्रीय प्रतिभा के नेतृत्व वाली ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।
छोटे व्यवसायों और विशेष भूमिकाओं के लिए चिंता
जहां इस नीति का मकसद स्थानीय रोजगार बढ़ाना है, वहीं आलोचकों को चिंता है कि दोगुनी की गई फीस छोटे और मध्यम आकार के उद्यमों (SMEs) पर अधिक बोझ डाल सकती है, जो पहले से ही कम मार्जिन पर काम करते हैं। SMEs के लिए, परिचालन लागत में वृद्धि से निपटना मुश्किल हो सकता है। इसके अलावा, विशेष या तकनीकी क्षेत्रों में योग्य स्थानीय प्रतिभा खोजने में संघर्ष करने वाले व्यवसायों को विदेशी विशेषज्ञों को काम पर रखने की बढ़ी हुई लागत के कारण अपनी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता सीमित लग सकती है। उदाहरण के लिए, बैंकिंग क्षेत्र में ओमानाइजेशन के लक्ष्य 95% (लिपिकीय) और 75% (वरिष्ठ/मध्य प्रबंधन) जैसे उच्च हैं, जिन्हें कुछ संस्थानों के लिए अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञता के बिना पूरा करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
भविष्य की राह और रणनीतिक कदम
यह टियर वाली फीस प्रणाली ओमान की पांच वर्षीय विकास योजना का हिस्सा होगी, जो आर्थिक विविधीकरण और निजी क्षेत्र को सशक्त बनाने पर जोर देती है। आने वाले समय में विभिन्न क्षेत्रों में ओमानियों की नियुक्तियों में वृद्धि और निजी क्षेत्र के विकास को राष्ट्रीय श्रम प्राथमिकताओं के साथ बेहतर ढंग से संरेखित करने की उम्मीद है। हालांकि, वर्क-प्रैक्टिस लाइसेंस की वैधता को 24 महीने तक बढ़ाना और मौजूदा श्रमिकों के लिए अपग्रेड प्रक्रियाओं को सरल बनाना जैसे प्रशासनिक सुधार, नई फीस व्यवस्था के साथ परिचालन को सुचारू बनाने में मदद करेंगे।