North Korea ने अपनी डिफेंस सिस्टम को भेदने वाली इंटरमीडिएट-रेंज हाइपरसोनिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। किम जोंग उन की देखरेख में हुआ यह टेस्ट DMZ में हालिया लैंडमाइन ब्लास्ट के बाद हुआ है, जिससे एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में भू-राजनीतिक (geopolitical) तनाव और गहरा गया है।
उत्तर कोरिया ने शनिवार, 3 अक्टूबर, 2026 को एक इंटरमीडिएट-रेंज हाइपरसोनिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया। इस लॉन्च को सीधे किम जोंग उन ने मॉनिटर किया, जो देश की बढ़ती सैन्य ताकत को दर्शाता है। सरकारी मीडिया के मुताबिक, यह मिसाइल 1,000 किलोमीटर की दूरी तय कर ईस्ट सी (Sea of Japan) में गिरी।
मिसाइल की मारक क्षमता
उत्तर कोरियाई शासन का दावा है कि मिसाइल ने एक विशेष वेव-लाइक प्रक्षेपवक्र (trajectory) का उपयोग किया, जिससे इसे ट्रैक करना या इंटरसेप्ट करना लगभग नामुमकिन है। हालांकि, दक्षिण कोरिया और जापान ने इसकी पुष्टि की है, लेकिन डेटा में अंतर है—सियोल का मानना है कि यह 700 किलोमीटर से अधिक की दूरी तक गई, जबकि प्योंगयांग 1,000 किलोमीटर का दावा कर रहा है।
मार्केट सेंटिमेंट पर असर
यह परीक्षण कोरियाई प्रायद्वीप में बिगड़ते राजनयिक संबंधों के बीच हुआ है। DMZ में हाल ही में हुए लैंडमाइन विस्फोट ने आग में घी का काम किया है। निवेशकों के लिए यह एक 'चेतावनी' है, क्योंकि इस तरह की क्षेत्रीय अस्थिरता से सप्लाई चेन और ग्लोबल ट्रेड प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि इसका किसी कंपनी के मुनाफे से सीधा लेना-देना नहीं है, लेकिन इस तरह का तनाव अक्सर ग्लोबल मार्केट्स में 'रिस्क प्रीमियम' को बढ़ा देता है, जिससे आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव (volatility) देखने को मिल सकता है।
