North Korea ने अपने पूर्वी तट से एक शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च की है। इस घटना के बाद South Korea ने इमरजेंसी सिक्योरिटी मीटिंग बुलाई है, जिससे क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है और निवेशक ग्लोबल सप्लाई चेन पर इसके असर को लेकर सतर्क हो गए हैं।
रविवार को North Korea ने अपने पूर्वी तट के वोंसान इलाके से एक शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया। इस उकसावे की कार्रवाई के बाद South Korea ने तुरंत अपनी नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की बैठक बुलाई है ताकि सुरक्षा के खतरों का आकलन किया जा सके। हालांकि मिसाइल का सटीक डेटा अभी जांचा जा रहा है, लेकिन यह साफ है कि प्योंगयांग का आक्रामक रुख फिर से शुरू हो गया है।
रीजनल सिक्योरिटी और मार्केट का गणित
यह मिसाइल टेस्ट US-South Korea के बीच चल रहे सैन्य अभ्यासों के तनाव के बीच हुआ है। हाल ही में 'Ulchi Freedom Shield' ड्रिल्स का दायरा कम करने के बावजूद North Korea इन्हें लगातार भड़काऊ मान रहा है। जियो-पॉलिटिकल तनाव का असर सीधे एशियाई इक्विटी मार्केट्स पर पड़ता है, खासकर इसलिए क्योंकि यह क्षेत्र ग्लोबल सेमीकंडक्टर और टेक्नोलॉजी सप्लाई चेन का हब है।
निवेशक अब करेंसी मार्केट में South Korean Won में होने वाले उतार-चढ़ाव पर बारीक नजर रख रहे हैं। अनिश्चितता के दौर में अक्सर पूंजी गोल्ड या गवर्नमेंट बॉन्ड्स जैसे सेफ-हेवन एसेट्स की तरफ शिफ्ट होती है, जबकि डिफेंस सेक्टर के शेयरों में हलचल बढ़ सकती है। मार्केट एक्सपर्ट्स इस बात पर नजर रखे हुए हैं कि क्या यह टेस्ट एक अलग घटना है या फिर यह आगे बढ़ने वाले किसी बड़े तनाव की शुरुआत है। किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि से सप्लाई चेन में बाधा आने का डर हमेशा बना रहता है, जिसका सीधा असर ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग पर पड़ सकता है।
