इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu एक AI-जनरेटेड तस्वीर शेयर करने के बाद मुश्किलों में फंस गए हैं। इसमें तेल अवीव पर परमाणु विस्फोट दिखाया गया था, जिसे विपक्षी नेताओं ने चुनावी माहौल खराब करने और डर फैलाने की रणनीति बताया है।
इजरायल में मंगलवार को होने वाले संसदीय चुनावों से ठीक पहले, पीएम Benjamin Netanyahu द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर की गई एक AI-जनरेटेड तस्वीर ने सियासी पारा गर्म कर दिया है। तस्वीर में तेल अवीव पर परमाणु विस्फोट को दिखाया गया था, जिसके जरिए पीएम ईरान के परमाणु खतरों को रेखांकित करना चाहते थे। लेकिन, विपक्ष इसे मतदाताओं को डराने का एक हथकंडा बता रहा है।
चुनावों का गणित और विपक्ष का हमला
इजरायल की 120 सीटों वाली संसद, जिसे 'नेसेट' (Knesset) कहा जाता है, के लिए यह चुनाव बेहद महत्वपूर्ण हैं। एक स्थिर सरकार बनाने के लिए किसी भी गठबंधन को कम से कम 61 सीटों की जरूरत होगी। विपक्षी नेताओं, जैसे Democrats के Yair Golan और Yashar पार्टी के Gadi Eisenkot ने इस कदम की कड़ी निंदा की है। विपक्ष का आरोप है कि पीएम अपनी गिरती पकड़ और आंतरिक चुनौतियों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की उत्तेजक रणनीतियां अपना रहे हैं।
बाजार और निवेशकों पर असर
इस राजनीतिक उठापटक का सीधा असर Tel Aviv Stock Exchange और वहां के इनवेस्टमेंट क्लाइमेट पर पड़ता है। बाजार के जानकारों के मुताबिक, निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि चुनाव का परिणाम कितना स्पष्ट आता है। अगर सरकार बनाने में देरी हुई या फिर से गठबंधन के लिए लंबी बातचीत चली, तो देश में पॉलिटिकल अनिश्चितता और बढ़ सकती है।
बाजार अब इस बात का इंतजार कर रहा है कि चुनाव के नतीजे नई सरकार की डिफेंस स्पेंडिंग (Defense Spending) और आर्थिक नीतियों की दिशा क्या तय करते हैं। क्या एक मजबूत सरकार बनेगी या फिर देश एक और चुनाव चक्र की तरफ बढ़ेगा, यह आने वाले दिनों में बाजार की चाल तय करने वाला सबसे बड़ा फैक्टर होगा।
