Nepal Hydropower Crisis: Trishuli-3A में मिली जिंदगी की उम्मीद, टूटा एनर्जी सेक्टर और स्टॉक मार्केट

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Nepal Hydropower Crisis: Trishuli-3A में मिली जिंदगी की उम्मीद, टूटा एनर्जी सेक्टर और स्टॉक मार्केट

नेपाल के Trishuli-3A हाइड्रोपावर प्लांट में मलबे के नीचे से आवाजें सुनाई देने के बाद रेस्क्यू तेज कर दिया गया है। भीषण बाढ़ के कारण देश की **10%** बिजली उत्पादन क्षमता तबाह हो गई है, जिससे **$4 से $5 बिलियन** का आर्थिक नुकसान और बाजार में भारी उथल-पुथल मची है।

शुक्रवार, 4 सितंबर को नेपाल के Trishuli-3A हाइड्रोपावर प्लांट में चल रहे राहत कार्यों में तेजी आई, जब रेस्क्यू टीम को सुरंग के अंदर से लोगों की आवाजें सुनाई दीं। अगस्त के अंत में आई भीषण बाढ़ के बाद यह खबर एक उम्मीद की किरण बनकर आई है। नेपाली सेना और सशस्त्र पुलिस बल मलबे को हटाने और फंसे हुए लोगों तक पहुंचने के लिए जुटी हुई है।

आर्थिक मोर्चे पर तगड़ा झटका

यह आपदा केवल मानवीय संकट नहीं, बल्कि देश के आर्थिक ढांचे के लिए एक बड़ा झटका है। आंकड़ों के मुताबिक, नेपाल की कुल बिजली उत्पादन क्षमता का लगभग 10% हिस्सा या तो क्षतिग्रस्त हो गया है या पूरी तरह नष्ट हो चुका है। अनुमान है कि इस एनर्जी सेक्टर के पुनर्निर्माण में $4 बिलियन से $5 बिलियन तक का खर्च आएगा, जो देश की आर्थिक स्थिरता पर भारी दबाव डालेगा।

शेयर बाजार और निवेशकों पर असर

इस आपदा का सीधा असर Nepal Stock Exchange (NEPSE) पर दिख रहा है। इंडेक्स में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिसमें हाइड्रोपावर और नॉन-लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों के शेयर सबसे ज्यादा टूटे हैं। निवेशक एसेट डैमेज और इंश्योरेंस कंपनियों पर आने वाले संभावित दावों (claims) को लेकर काफी चिंतित हैं।

आगे की राह

हाइड्रोपावर सेक्टर के लिए यह घटना एक बड़ी सीख है, जो हिमालयी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की संवेदनशीलता को उजागर करती है। अब निवेशकों की नजर सरकार द्वारा जारी किए जाने वाले सपोर्ट पैकेज और इंश्योरेंस रेगुलेशंस में बदलाव पर टिकी है, ताकि इस बड़े नुकसान की भरपाई की जा सके।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.