Nepal Floods: कुदरत का कहर, नेपाल में 270 मौतें और शेयर बाजार में हड़कंप

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AuthorAditya Rao|Published at:
Nepal Floods: कुदरत का कहर, नेपाल में 270 मौतें और शेयर बाजार में हड़कंप

नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें **270** लोगों की जान जा चुकी है और **800** से ज्यादा लोग लापता हैं। इस आपदा के कारण इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे NEPSE में पावर और इंश्योरेंस सेक्टर के शेयरों में बिकवाली देखने को मिली है।

आपदा और तबाही का मंजर

नेपाल में 27 अगस्त, 2026 तक आई इस त्रासदी की मुख्य वजह ल्हेंडे (Lhende) की सहायक नदी में आया 'आइस-रॉक एवलांच' है, जिसने भोटे कोशी नदी का रास्ता रोक दिया था। इस आपदा में अब तक 270 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 800 से अधिक लोग लापता हैं, जिनमें लगभग 300 भारतीय पर्यटक भी शामिल हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद कठिन बना हुआ है क्योंकि सुदूर इलाकों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है।

पावर सेक्टर और इंफ्रास्ट्रक्चर पर चोट

इस आपदा ने नेपाल के बुनियादी ढांचे को बुरी तरह क्षतिग्रस्त किया है। रिपोर्टों के अनुसार, 35 मोटर योग्य पुल, 45 सस्पेंशन ब्रिज और 40 किलोमीटर सड़कें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। इसका सीधा असर पर्यटन उद्योग पर पड़ेगा, जो नेपाल की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। वहीं, हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को भी भारी नुकसान हुआ है। मलबे और पानी के तेज बहाव ने पावर प्लांटों को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे भविष्य में बिजली उत्पादन और रेवेन्यू में बड़ी अनिश्चितता पैदा हो गई है।

NEPSE पर दबाव

इस घटना के बाद नेपाल स्टॉक एक्सचेंज (NEPSE) में जोरदार गिरावट देखी गई। 26 अगस्त को इंडेक्स 35.92 अंक नीचे गिर गया। सबसे ज्यादा बिकवाली हाइड्रोपावर और नॉन-लाइफ इंश्योरेंस शेयरों में दिखी। निवेशकों को डर है कि इंश्योरेंस कंपनियों पर भारी क्लेम (claims) का बोझ आएगा, जिससे अगले क्वार्टर में उनके मुनाफे पर बुरा असर पड़ सकता है।

हालात को संभालने के लिए वर्ल्ड बैंक ने पुनर्निर्माण के लिए 25 अरब नेपाली रुपये की मदद की पेशकश की है। फिलहाल, निवेशक इस बात पर नजर बनाए हुए हैं कि पावर एसेट और इंश्योरेंस कंपनियों को कुल कितना नुकसान उठाना पड़ेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.