नेपाल में ग्लेशियर फटने से आई फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई है। इस आपदा में अब तक **270** लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। प्रभावित इलाकों तक पहुंचने के लिए **40** से ज्यादा हेलीकॉप्टर्स तैनात किए गए हैं, वहीं भारत के सीमावर्ती इलाकों में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है।
भोटेकोशी नदी के किनारे आई यह विनाशकारी बाढ़ ने गुरुवार, 27 अगस्त 2026 तक 270 लोगों की जान ले ली है। ग्लेशियर के फटने से आई इस आपदा ने कई जिलों में भारी तबाही मचाई है, जिससे हजारों लोग फंस गए हैं या लापता हैं। लापता लोगों में करीब 30 देशों के विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।
इमरजेंसी लॉजिस्टिक्स और रेस्क्यू
त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट को फिलहाल इमरजेंसी बेस के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। गुरुवार दोपहर तक, रसुवा और नुवाकोट जैसे सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाने के लिए 40 से अधिक प्राइवेट हेलीकॉप्टर चार्टर्स लगाए गए। इसके अलावा, नेपाल आर्मी ने भी 20 अतिरिक्त एयरक्राफ्ट को स्टैंडबाय पर रखा है। सड़कों के क्षतिग्रस्त होने के कारण राहत दल के सामने बड़ी चुनौतियां हैं।
पीएम का दौरा और भारत की निगरानी
प्रधानमंत्री बलेन्द्र शाह ने नुवाकोट जिले का दौरा किया है और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट मिनिस्टर के साथ मिलकर कनेक्टिविटी बहाली पर काम कर रहे हैं। इस आपदा का असर सीमा पार भारत के उन राज्यों पर भी पड़ सकता है जो हिमालयी क्षेत्रों के करीब हैं। डाउनस्ट्रीम इलाकों में भोटेकोशी नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की अनहोनी को रोका जा सके।
आने वाले दिनों में मुख्य ध्यान लापता लोगों की तलाश और ध्वस्त हो चुके बुनियादी ढांचे को स्थिर करने पर होगा।
