SLPP के नेता और पूर्व राष्ट्रपति Mahinda Rajapaksa के बेटे Namal Rajapaksa को कोलंबो कोर्ट ने **18 सितंबर 2026** तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। यह कार्रवाई SriLankan Airlines के लिए Airbus विमानों की खरीद में कथित भ्रष्टाचार की जांच के सिलसिले में की गई है।
कोलंबो की चीफ मजिस्ट्रेट कोर्ट ने Namal Rajapaksa को 18 सितंबर 2026 तक न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया है। यह गिरफ्तारी 'कमीशन टू इन्वेस्टिगेट एलीगेशंस ऑफ ब्राइबरी और करप्शन' (CIABOC) द्वारा की गई है। मामला साल 2013 में SriLankan Airlines के लिए खरीदे गए वाइड-बॉडी Airbus विमानों के सौदे से जुड़ा है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि इस दौरान करीब ₹10 करोड़ की रिश्वत तत्कालीन राष्ट्रपति के परिवार से जुड़े बैंक खातों में भेजी गई थी।
राजनीतिक हलचल और सरकार का सख्त रुख
यह पहली बार है जब 'नेशनल पीपल्स पावर' प्रशासन के सत्ता में आने के बाद पूर्व राष्ट्रपति के परिवार के किसी सदस्य को हिरासत में लिया गया है। विश्लेषकों का मानना है कि सरकार पूर्ववर्ती शासन के दौरान हुए भ्रष्टाचार के मामलों पर बेहद आक्रामक रुख अपना रही है। इसी कड़ी में पूर्व कैबिनेट मंत्री Johnston Fernando को भी सार्वजनिक धन के दुरुपयोग के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
पार्टी का बचाव और भविष्य की राह
SLPP ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे 'राजनीतिक प्रतिशोध' करार दिया है। पार्टी का कहना है कि आगामी 12 सितंबर को अनुराधापुरा में होने वाली रैली को रोकने के लिए सरकार कानूनी हथकंडों का इस्तेमाल कर रही है। दक्षिण एशियाई बाजारों पर नजर रखने वाले निवेशकों के लिए श्रीलंका की यह राजनीतिक अस्थिरता एक चिंता का विषय बनी हुई है, क्योंकि आने वाले दिनों में इन कानूनी मामलों का समाधान देश के 'रूल ऑफ लॉ' और संस्थागत मजबूती का संकेत देगा।
