नाइजर की राजधानी नियामी में Air Base 101 पर सैनिकों ने बगावत कर दी है। राष्ट्रपति भवन के पास गोलीबारी की खबरें हैं, जो वहां की सरकार के भीतर बढ़ते आंतरिक कलह और अस्थिरता को दर्शाती हैं।
राजधानी में तनावपूर्ण स्थिति
29 अगस्त, 2026 को नाइजर की राजधानी नियामी में सुरक्षा हालात तब बिगड़ गए जब Air Base 101 पर तैनात सैनिकों ने विद्रोह कर दिया। यह घटना Diori Hamani International Airport कॉम्प्लेक्स के पास हुई। विद्रोहियों ने कई सैन्य अधिकारियों को हिरासत में ले लिया है और राष्ट्रपति भवन के आसपास के इलाकों में गोलियों की आवाजें सुनी गई हैं। हालांकि, नाइजर के रक्षा मंत्रालय का दावा है कि स्थिति पर अब नियंत्रण पा लिया गया है, लेकिन इस साल यह तीसरी बार है जब इस एयर बेस को हमले का सामना करना पड़ा है, जो देश में गहराते सुरक्षा संकट की ओर इशारा करता है।
सत्ता पर मंडराता खतरा
यह विद्रोह जनरल Abdourahamane Tchiani के नेतृत्व वाली मिलिट्री जुंटा (Junta) के लिए एक बड़ी चुनौती है। 2023 के तख्तापलट के बाद से ही देश पश्चिमी देशों से दूरी बनाकर रूस के करीब गया है। विदेशी मदद में कमी और बढ़ते आर्थिक संकट ने सरकार को अलग-थलग कर दिया है।
ग्लोबल मार्केट पर असर
भले ही इसका भारतीय बाजार पर सीधा प्रभाव न हो, लेकिन निवेशकों के लिए यह चिंता का विषय है। नाइजर यूरेनियम, तेल और सोने का बड़ा उत्पादक है। ऐसे में Sahel क्षेत्र में लगातार बढ़ रही राजनीतिक अस्थिरता ग्लोबल कमोडिटी सप्लाई चेन में बाधा पैदा कर सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सेना के भीतर बढ़ता विभाजन न केवल वहां की आंतरिक सुरक्षा को कमजोर करेगा, बल्कि माइनिंग और ऊर्जा क्षेत्र की कंपनियों के लिए ऑपरेशनल रिस्क भी बढ़ा देगा। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि जुंटा अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाती है और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा समझौतों पर इसका क्या असर पड़ता है।
