मोरक्को में संसदीय चुनाव के लिए वोटिंग जारी है, जहाँ **1.6 करोड़** मतदाता नई सरकार चुन रहे हैं। नई सरकार के सामने **2030 FIFA World Cup** के लिए भारी खर्च और देश की बढ़ती महंगाई व बेरोजगारी के बीच संतुलन बनाने की कड़ी चुनौती होगी।
आर्थिक मोर्चे पर कड़ी परीक्षा
मोरक्को के 395 सीटों वाली हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के लिए हो रहे ये चुनाव देश की दिशा तय करेंगे। 1.6 करोड़ योग्य मतदाताओं के बीच चुनाव को लेकर उत्साह कम और आर्थिक चिंताओं का साया ज्यादा है।
2030 World Cup का भारी बोझ
नई सरकार के लिए सबसे बड़ी परीक्षा 2030 FIFA World Cup की मेजबानी है। टूर्नामेंट के लिए ट्रांसपोर्ट, स्टेडियम और हॉस्पिटैलिटी इन्फ्रास्ट्रक्चर में बड़े पैमाने पर कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) की जरूरत है। निवेशकों के लिए सवाल यह है कि क्या यह निवेश नौकरियों के नए अवसर पैदा करेगा या फिर देश पर कर्ज का बोझ 10% से ज्यादा बढ़ा देगा?
युवाओं में बढ़ती निराशा
साल 2021 के मुकाबले वोटर रजिस्ट्रेशन में 10% की गिरावट आई है, जो खास तौर पर युवाओं की राजनीतिक प्रक्रिया से दूरी और बढ़ती कॉस्ट ऑफ लिविंग (Cost of Living) को दर्शाती है। यदि नई सरकार इन चुनौतियों को हल करने में विफल रहती है, तो बड़े प्रोजेक्ट्स की समयसीमा पर असर पड़ सकता है।
फिस्कल डेफिसिट और निवेशकों की नजर
अगली सरकार का सबसे महत्वपूर्ण कार्य एक गठबंधन बनाना होगा, जो फिस्कल पॉलिसी पर आम सहमति बना सके। अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट मार्केट्स की नजर इस पर होगी कि क्या मोरक्को अपनी क्रेडिट वर्थनेस (Creditworthiness) को बनाए रख पाता है या फिस्कल डेफिसिट अनियंत्रित हो जाता है। अगले 24 घंटों में नतीजे आने के बाद नई सरकार के नीतिगत रोडमैप पर सबकी नजरें टिकी होंगी।
