प्रधानमंत्री Narendra Modi और वियतनामी PM Le Minh Hung ने नई दिल्ली में BRICS समिट के दौरान मुलाकात की। इस बैठक में डिफेंस, फिनटेक और क्रिटिकल मिनरल्स सप्लाई चेन को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। दोनों देशों का लक्ष्य साल 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को **$25 बिलियन** तक पहुँचाना है, जो भारतीय कंपनियों के लिए बड़े अवसर पैदा कर सकता है।
नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS समिट के दौरान 12 सितंबर, 2026 को प्रधानमंत्री Narendra Modi और वियतनाम के प्रधानमंत्री Le Minh Hung के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई। यह बैठक दोनों देशों के 'Enhanced Comprehensive Strategic Partnership' को और अधिक विस्तार देने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिसे इसी साल मई में राष्ट्रपति To Lam की भारत यात्रा के दौरान नई ऊंचाइयां मिली थीं।\n\n### डिफेंस और टेक्नोलॉजी पर फोकस\n\nनिवेशकों और मार्केट एक्सपर्ट्स के लिए सबसे बड़ी खबर डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी है। चर्चा है कि BrahMos सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों के सौदे में तेजी आ सकती है, जो भारत के डिफेंस एक्सपोर्ट के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगा। इससे जुड़े डिफेंस इकोसिस्टम और सब-सिस्टम सप्लाई करने वाली कंपनियों पर बाजार की नजरें टिकी हुई हैं।\n\nइसके अलावा, दोनों देशों ने फिनटेक और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी बात की है। भारत अपने UPI मॉडल के अनुभव को वियतनाम के साथ साझा करने की तैयारी में है, जिससे भारतीय IT और फिनटेक कंपनियों के लिए दक्षिण-पूर्वी एशियाई बाजार के दरवाजे खुल सकते हैं।\n\n### क्रिटिकल मिनरल्स और सप्लाई चेन\n\nग्लोबल सप्लाई चेन में बदलाव को देखते हुए क्रिटिकल मिनरल्स एक नया पावर सेंटर बनकर उभरे हैं। भारत और वियतनाम एनर्जी ट्रांजिशन और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग के लिए जरूरी मिनरल्स को लेकर एक नई फ्रेमवर्क पर काम कर रहे हैं। हालांकि, $25 बिलियन के व्यापार लक्ष्य को हासिल करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर और रेगुलेटरी तालमेल की चुनौती बनी रहेगी। आने वाले समय में डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट्स और माइनिंग एग्रीमेंट्स से जुड़ी सरकारी घोषणाएं शेयर बाजार में हलचल पैदा कर सकती हैं।
