बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi और राष्ट्रपति Vladimir Putin की मुलाकात हुई। पीएम मोदी ने यूक्रेन संकट का कूटनीतिक समाधान निकालने पर जोर दिया। इसके अलावा, बैठक में ऊर्जा, रक्षा और रूसी सेना में फंसे भारतीय नागरिकों की स्वदेश वापसी पर चर्चा हुई।
कूटनीति से निकलेगा हल
बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi ने रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin के साथ द्विपक्षीय बातचीत की। पीएम मोदी ने साफ शब्दों में कहा कि दुनिया को अब अंतहीन युद्ध से हटकर कूटनीति और संवाद के रास्ते पर चलना चाहिए, क्योंकि वैश्विक स्थिरता के लिए यही एकमात्र विकल्प है।
इकोनॉमी और ट्रेड पर असर
इस बैठक में रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की गई, जो भारत के लिए बेहद अहम है। इसमें ऊर्जा, डिफेंस, स्पेस और फर्टिलाइजर सेक्टर पर चर्चा हुई। ब्लैंक सी और वेस्ट एशिया में जारी तनाव के कारण समुद्री व्यापारिक रास्तों में आने वाली बाधाओं पर भी बात की गई, ताकि जरूरी कमोडिटीज की सप्लाई चेन बनी रहे और भारतीय उद्योगों पर इसका असर न पड़े।
रूसी सेना में भर्ती भारतीयों का मुद्दा
बैठक में रूसी सेना में भर्ती हुए भारतीय नागरिकों का मामला भी प्रमुखता से उठा। विदेश सचिव Vikram Misri के अनुसार, रूसी सेना में कुल 227 भारतीय नागरिक चिन्हित किए गए थे, जिनमें से 139 को डिस्चार्ज मिल चुका है। दुखद है कि इस संघर्ष में 51 भारतीयों की जान गई है। सरकार बाकी बचे लोगों की जल्द वापसी के लिए लगातार कूटनीतिक दबाव बना रही है।
BRICS समिट की तैयारी
यह मुलाकात आने वाले 12 सितंबर, 2026 को भारत में होने वाले BRICS समिट की नींव की तरह है। राष्ट्रपति Putin का भारत दौरा आने वाले समय में आर्थिक समझौतों और एनर्जी सिक्योरिटी पॉलिसी को नई दिशा दे सकता है, जिस पर निवेशकों की नजरें टिकी होंगी।
