प्रधानमंत्री Narendra Modi को उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'ऑर्डर ऑफ ओलय दरजाली दुस्तलिक' से नवाजा गया है। इस दौरे में दोनों देशों ने एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership) की नींव रखी है, जिसमें यूरेनियम सप्लाई और अर्बन डेवलपमेंट पर खास फोकस है।
ताशकंद की आधिकारिक यात्रा के दौरान, उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति Shavkat Mirziyoyev ने प्रधानमंत्री Narendra Modi को देश के सबसे बड़े सम्मान 'ऑर्डर ऑफ ओलय दरजाली दुस्तलिक' से सम्मानित किया। इस सम्मान के साथ ही दोनों देशों के बीच संबंधों को एक नए स्तर पर ले जाते हुए 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' का ऐलान किया गया है।
यूरेनियम और ऊर्जा सुरक्षा
इस साझेदारी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा भारत के लिए यूरेनियम की सप्लाई का लॉन्ग-टर्म फ्रेमवर्क तैयार करना है। भारत की न्यूक्लियर एनर्जी जरूरतों को देखते हुए, यह समझौता भविष्य में ऊर्जा सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाएगा।
प्रशासनिक और शहरी विकास पर जोर
प्रशासनिक कामकाज को और तेज करने के लिए दोनों देशों ने अपनी जॉइंट कमीशन को अब सेक्रेटरी स्तर से बढ़ाकर मिनिस्ट्रियल स्तर पर कर दिया है। इसके अलावा, एक फॉरेन मिनिस्टर-लेवल कोऑर्डिनेशन काउंसिल भी बनाई जाएगी ताकि द्विपक्षीय समझौतों को जल्दी लागू किया जा सके।
शहरी विकास के मोर्चे पर, पीएम मोदी ने गुजरात की GIFT City के अनुभव को उज्बेकिस्तान के 'न्यू ताशकंद' प्रोजेक्ट के साथ साझा करने की पेशकश की है। जल्द ही एक बिजनेस समिट आयोजित की जाएगी, जिससे प्राइवेट सेक्टर के लिए ट्रेड और इन्वेस्टमेंट के नए रास्ते खुल सकते हैं।
मार्केट पर असर
फिलहाल यह एक कूटनीतिक और आर्थिक विकास है जिसका भारतीय शेयर बाजार पर कोई सीधा तात्कालिक असर नहीं है। हालांकि, एनर्जी, इंफ्रास्ट्रक्चर और अर्बन प्लानिंग सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के निवेशकों को भविष्य में होने वाली नई ट्रेड डील्स और प्राइवेट भागीदारी के अपडेट्स पर नजर रखनी चाहिए।
