इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni ने Silvio Berlusconi का रिकॉर्ड तोड़कर इतिहास रच दिया है। उन्होंने बिना किसी रुकावट के सत्ता में **1,413 दिन** पूरे कर लिए हैं, लेकिन अब निवेशकों की नजर उनकी आर्थिक सुधारों की रफ्तार पर है।
इटली की राजनीति में अक्सर सरकारें कम समय के लिए ही टिक पाती हैं, लेकिन Giorgia Meloni ने इस ट्रेंड को बदलते हुए द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे लंबे समय तक सत्ता में रहने वाली सरकार का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। उन्होंने 1,413 दिनों का कार्यकाल पूरा कर Silvio Berlusconi को पीछे छोड़ दिया है। ग्लोबल मार्केट्स के लिए यह राजनीतिक स्थिरता एक अच्छा संकेत मानी जा रही है।
आर्थिक मोर्चे पर क्या है स्थिति?
सरकार का दावा है कि उन्होंने देश में 12 लाख से अधिक नौकरियां पैदा की हैं और बजट के अनुशासन पर सख्ती बनाए रखी है। इसका असर इतालवी सरकारी बॉन्ड (Bonds) के रिस्क प्रीमियम में कमी के रूप में भी देखने को मिला है, जिससे वैश्विक वित्तीय संस्थानों का भरोसा बढ़ा है।
निवेशकों की क्या चिंता है?
भले ही सरकार ने बजट संकट को टाल दिया हो, लेकिन जानकारों का मानना है कि 'गहरे और ढांचागत' (Structural) सुधारों की अभी भी कमी है। सार्वजनिक क्षेत्र में उत्पादकता (Productivity) का स्तर अब भी कम है और घटती आबादी भविष्य में विकास के लिए बड़ा खतरा है।
2027 के चुनाव और चुनौतियां
आगामी 2027 के आम चुनावों के मद्देनजर, 'National Future' पार्टी सरकार के लिए कड़ी चुनौती बन सकती है। इसके अलावा, युवाओं के बीच समर्थन में आ रही कमी गठबंधन के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती है। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि सरकार European Union के 'National Recovery and Resilience Plan' (NRRP) के तहत मिलने वाले फंड का इस्तेमाल कितनी कुशलता से कर पाती है। फंड के उपयोग में देरी या विफलता इटली की वित्तीय सेहत पर दबाव डाल सकती है।
