व्हाइट हाउस में यूएस की फर्स्ट लेडी Melania Trump गुरुवार को रूस और यूक्रेन के प्रतिनिधियों की मेजबानी करेंगी। यह बैठक खेरसॉन में हुए सीजफायर और आगामी अबू धाबी शांति वार्ता के मद्देनजर बेहद अहम है। निवेशक इस घटनाक्रम पर पैनी नजर रखे हुए हैं, क्योंकि इसका असर ग्लोबल कमोडिटी मार्केट और जियोपॉलिटिकल रिस्क पर पड़ सकता है।
मानवीय सहयोग और लॉजिस्टिक्स
यह बैठक 27 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच खेरसॉन के ओलेशकी क्षेत्र में हुए 6 दिनों के मानवीय सीजफायर की समीक्षा पर केंद्रित है। इस ऑपरेशन के जरिए लगभग 800 नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया और आवश्यक राहत सामग्री पहुंचाई गई। इस राहत कार्य में 25 बसों और 9 एम्बुलेंस का इस्तेमाल किया गया, जिसे यूक्रेन के ओम्बुड्समैन Dmytro Lubinets और रूस की Yana Lantratova ने मैनेज किया था। हालांकि, सैन्य रिपोर्टों के अनुसार, दोनों पक्षों ने इस शांति के दौरान अपनी रणनीतिक तैयारियों को भी मजबूत किया है।
अबू धाबी वार्ता की तैयारी
व्हाइट हाउस की यह मुलाकात 10-11 नवंबर को अबू धाबी में होने वाली बड़ी त्रिपक्षीय वार्ता के लिए एक नींव की तरह है। अमेरिकी स्पेशल एनवॉय Steve Witkoff इन वार्ता का समन्वय कर रहे हैं, जिसमें मॉस्को की तरफ से Vladimir Medinsky के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल शामिल होगा। शांति प्रयासों के बावजूद, क्षेत्रीय अखंडता और सुरक्षा गारंटी के पुराने मुद्दों पर सहमति बनाना अभी भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
जियोपॉलिटिकल रिस्क और मार्केट पर असर
वर्तमान स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। मंगलवार को जापोरिज्जिया में मानवीय सहायता केंद्र पर हुए रूसी हमलों ने इन शांति प्रयासों की अनिश्चितता को और बढ़ा दिया है। निवेशकों के लिए चिंता का मुख्य विषय ग्लोबल एनर्जी और एग्री-कमोडिटी मार्केट में बनी रहने वाली अस्थिरता है। जब तक कोई स्थायी राजनीतिक समाधान नहीं निकलता, तब तक सप्लाई चेन में किसी भी बड़े व्यवधान की आशंका बनी रहेगी, जिस पर ग्लोबल मार्केट की नजरें टिकी हैं।
