Maldives Infrastructure: चीन को मिला पोर्ट प्रोजेक्ट, तो भारत बना रहा है पुल

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Maldives Infrastructure: चीन को मिला पोर्ट प्रोजेक्ट, तो भारत बना रहा है पुल

Maldives ने अपने Thilafushi पोर्ट विस्तार का ठेका China Harbour Engineering Company को दिया है। वहीं, ग्रेटर माले कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट पर भारत की कंपनी Afcons काम कर रही है। भारी कर्ज के बोझ तले दबे Maldives के लिए यह संतुलन साधना बड़ी चुनौती है।

इन्फ्रास्ट्रक्चर की बिसात पर नई चाल

Maldives इस वक्त एक बड़ी इन्फ्रास्ट्रक्चर कूटनीति के दौर से गुजर रहा है। देश ने अपने अहम डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स को भारत और चीन के बीच बांट दिया है। Maldives Ports Limited ने Thilafushi पोर्ट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के पहले फेज का कॉन्ट्रैक्ट China Harbour Engineering Company को सौंप दिया है। वहीं दूसरी तरफ, ग्रेटर माले कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट पर भारतीय कंस्ट्रक्शन कंपनी Afcons Infrastructure काम कर रही है।

क्या है प्रोजेक्ट का हाल?

ये दोनों प्रोजेक्ट्स देश की लॉजिस्टिक्स क्षमता को अपग्रेड करने के लिए जरूरी हैं। पोर्ट प्रोजेक्ट का मकसद माल ढुलाई को भीड़भाड़ वाले Maafannu इलाके से हटाकर Thilafushi शिफ्ट करना है। इसके साथ ही, भारत की मदद से चल रहा $50 करोड़ का ग्रेटर माले कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह पुल और कॉजवे नेटवर्क 75% से अधिक पूरा हो चुका है और इसके कई हिस्से अब चलने योग्य हो गए हैं।

आर्थिक दबाव और कर्ज का संकट

निवेशकों के लिए सबसे चिंता का विषय देश की आर्थिक स्थिति है। साल 2024 के अंत तक Maldives का कुल विदेशी कर्ज लगभग $9.41 अरब तक पहुंच गया है। सरकार अपनी वित्तीय जरूरतें पूरी करने के लिए भारत और चीन दोनों पर निर्भर है, जिससे यह 'बैलेंसिंग एक्ट' और भी नाजुक हो गया है।

रिस्क फैक्टर

इन्फ्रास्ट्रक्चर के आधुनिकीकरण के बावजूद, मार्केट के जानकार सतर्क हैं। देश का कर्ज-जीडीपी (Debt-to-GDP) अनुपात काफी ऊंचा है, जो किसी भी चूक की गुंजाइश नहीं छोड़ता। विदेशी लोन पर अत्यधिक निर्भरता बाहरी आर्थिक झटकों के प्रति देश को संवेदनशील बनाती है। इसके अलावा, सिंगल-नॉमिनेशन कॉन्ट्रैक्ट्स में लागत और समय सीमा को लेकर चुनौतियां भी हो सकती हैं। आगे चलकर निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि इन प्रोजेक्ट्स से पर्यटन और समुद्री व्यापार को कितनी मजबूती मिलती है, ताकि कर्ज चुकाने की क्षमता बनी रहे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.