वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति Nicolás Maduro और Cilia Flores ने अमेरिका में अपने ऊपर लगे ड्रग तस्करी के आरोपों को हटाने के लिए याचिका दायर की है। उन्होंने इसके लिए 'सोवरिन इम्युनिटी' (Sovereign Immunity) का तर्क दिया है। इस मामले में सुनवाई **17 नवंबर, 2026** को तय की गई है।
कानूनी बचाव की रणनीति
मैनेहटन की फेडरल कोर्ट में दायर इस याचिका में Nicolás Maduro और उनकी पत्नी Cilia Flores ने अपने ऊपर लगे ड्रग तस्करी और नारको-टेररिज्म के आरोपों को पूरी तरह खारिज करने की मांग की है। डिफेंस टीम का कहना है कि एक सिटिंग हेड ऑफ स्टेट (Sitting Head of State) होने के नाते, उन्हें विदेशी अदालतों के कानूनी अधिकार क्षेत्र से सुरक्षा मिलनी चाहिए। यह तर्क 'सोवरिन इम्युनिटी' के सिद्धांत पर आधारित है, जिसका उद्देश्य राष्ट्र प्रमुखों को अंतरराष्ट्रीय कानूनी कार्यवाही से बचाना है।
अभियोजन पक्ष और न्यायिक स्थिति
अमेरिकी सरकारी वकील इन दावों को सिरे से खारिज कर रहे हैं। उनका तर्क है कि अमेरिका ने 2019 से ही Nicolás Maduro को वेनेजुएला का वैध राष्ट्रपति नहीं माना है, इसलिए उन्हें हेड ऑफ स्टेट वाली विशेष सुरक्षा नहीं दी जा सकती। मामले की सुनवाई कर रहे U.S. डिस्ट्रिक्ट जज Alvin K. Hellerstein ने 17 नवंबर, 2026 को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने का फैसला किया है।
आगे क्या होगा?
जनवरी 2026 में काराकस में हुए सैन्य ऑपरेशन के बाद से ही यह दंपति न्यूयॉर्क की ब्रुकलिन जेल में बंद है। दोनों ने खुद को निर्दोष बताया है। यदि जज इस याचिका को खारिज करते हैं, तो मामले में ट्रायल 1 जून, 2027 से शुरू हो सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार और जियोपोलिटिक्स पर नजर रखने वाले विशेषज्ञ इस घटनाक्रम को वेनेजुएला और अमेरिका के संबंधों के लिए बेहद संवेदनशील मान रहे हैं।
