फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने यूरोपीय आयोग से मांग की है कि पूरे यूरोपीय संघ में 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर रोक लगाई जाए। निवेशकों के लिए यह खबर बड़ी है, क्योंकि इससे बड़ी टेक कंपनियों के यूजर बेस और कमाई पर गहरा असर पड़ सकता है।
नियम और कानून का पेंच
इमैनुएल मैक्रों का यह प्रस्ताव डिजिटल सुरक्षा को लेकर एक बड़ा कदम है। इससे पहले अगस्त 2026 में फ्रांस की संवैधानिक परिषद ने एक घरेलू बिल को खारिज कर दिया था, जिसमें निजता और अभिव्यक्ति की आजादी का हवाला दिया गया था। अब मैक्रों इसे पूरे यूरोप के लिए लागू करने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं।
टेक कंपनियों के बिजनेस मॉडल पर खतरा
निवेशकों के लिए चिंता की बात यह है कि Meta, Alphabet और Snap जैसी दिग्गज कंपनियां अपनी कमाई के लिए यूजर एंगेजमेंट पर निर्भर हैं। यदि 15 साल से कम उम्र के बच्चों पर पाबंदी लगती है, तो इन प्लेटफॉर्म्स के डेली एक्टिव यूजर्स (DAU) और मंथली एक्टिव यूजर्स (MAU) की संख्या में भारी गिरावट आ सकती है। इसका सीधा असर विज्ञापन रेवेन्यू और प्रॉफिट मार्जिन पर पड़ना तय है।
आगे क्या होगा?
यूरोपीय आयोग 16 सितंबर 2026 को अपनी पॉलिसी पेश करने वाला है। हालांकि मैक्रों पूर्ण प्रतिबंध चाहते हैं, लेकिन कुछ देश जैसे एस्टोनिया इसे माता-पिता की जिम्मेदारी मान रहे हैं। आयोग की यह घोषणा तय करेगी कि आने वाले समय में सोशल मीडिया कंपनियां यूरोप में कैसे काम करेंगी और उन्हें किस तरह के सख्त वेरिफिकेशन नियमों का पालन करना होगा।
