विदेश मंत्रालय (MEA) ने भारतीय नागरिकों को रूस में नौकरी के लुभावने विज्ञापनों से सावधान रहने को कहा है। कुछ लोग पैसों के लालच में भारतीय नागरिकता तक छोड़ रहे हैं, जो एक जानलेवा गलती साबित हो सकती है।
लालच की भारी कीमत
विदेश मंत्रालय ने उन लोगों के लिए सख्त एडवाइजरी जारी की है जो पैसे के लालच में रूसी सेना में शामिल हो रहे हैं। यह सिर्फ एक करियर का विकल्प नहीं, बल्कि सीधा मौत को बुलावा देना है। कई लोग अनवेरिफाइड एजेंट्स के जरिए जाल में फंस रहे हैं, जहां न तो कानूनी सुरक्षा है और न ही भविष्य की कोई गारंटी। यह आर्थिक लालच जीवनभर का पछतावा बन सकता है।
नागरिकता छोड़ने का गंभीर परिणाम
सबसे चिंताजनक बात यह है कि कई युवा रूसी पासपोर्ट पाने के लिए अपनी भारतीय नागरिकता छोड़ रहे हैं। ऐसा करने पर भारत सरकार के लिए अपने ही नागरिकों की रक्षा करना या उन्हें वापस वतन लाना कानूनी रूप से असंभव हो जाता है। एक बार नागरिकता खत्म होने पर, आप उस सुरक्षा कवच से बाहर हो जाते हैं जो भारतीय दूतावास आपको संघर्ष वाले क्षेत्रों में दे सकता है।
डिप्लोमेटिक प्रयास और जमीनी हकीकत
भारत सरकार रूसी अधिकारियों के साथ लगातार बातचीत कर रही है। अब तक डिप्लोमेटिक कोशिशों के जरिए 139 भारतीयों को रूसी सेना से डिस्चार्ज कराया गया है, लेकिन दुर्भाग्यवश 51 भारतीय अपनी जान गंवा चुके हैं। सरकार ने साफ कर दिया है कि जो लोग अपनी मर्जी से इस खतरनाक रास्ते पर जा रहे हैं, उन्हें वापस लाने की कोई गारंटी नहीं दी जा सकती।
स्कैम से कैसे बचें?
किसी भी विदेशी नौकरी के ऑफर पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। यदि कोई एजेंट आपको युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में ऊंची सैलरी का झांसा दे रहा है, तो समझ लीजिए यह एक खतरनाक स्कैम है। हमेशा केवल सरकारी चैनल्स के जरिए ही नौकरी की तलाश करें और ऐसी किसी भी पेशकश से दूर रहें जो कानून को दरकिनार करने या नागरिकता छोड़ने का सुझाव दे।
