Eswatini जेल से छूटा Laotian नागरिक, विवादों में घिरा US का डिपोर्टेशन प्रोग्राम

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Eswatini जेल से छूटा Laotian नागरिक, विवादों में घिरा US का डिपोर्टेशन प्रोग्राम

U.S. के विवादित 'थर्ड-कंट्री रिमूवल प्रोग्राम' के तहत डिपोर्ट किए गए Phone Chomsavanh को 14 महीने बाद Eswatini की जेल से रिहा कर दिया गया है। यह मामला U.S. की उस नीति पर सवाल खड़े करता है, जिसके तहत विदेशी सरकारों को पैसे देकर डिपोर्ट किए गए लोगों को रखने का करार किया गया है।

विवाद की जड़: क्या है यह प्रोग्राम?

Phone Chomsavanh उन 5 लोगों में शामिल थे, जिन्हें जुलाई 2025 में U.S. से सीक्रेट तरीके से एक थर्ड-कंट्री रिमूवल प्रोग्राम के तहत डिपोर्ट किया गया था। अपनी सजा पूरी करने के बाद उन्हें बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के Eswatini भेजा गया। खबरों के मुताबिक, इस प्रोग्राम के तहत अब तक करीब 500 प्रवासियों को अलग-अलग अफ्रीकी देशों में भेजा जा चुका है।

क्या है इसमें वित्तीय दांव-पेच?

इस प्रोग्राम को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, Eswatini को इन प्रवासियों को रखने के लिए $5.1 मिलियन (करीब ₹51 लाख डॉलर) की बड़ी रकम ट्रांसफर की गई है। मानवाधिकार समूहों का कहना है कि इस तरह के सीक्रेट वित्तीय सौदे वैश्विक मानकों के खिलाफ हैं।

कोर्ट में क्या चल रहा है?

रिहाई के बाद Chomsavanh जोहानसबर्ग होते हुए वापस Laos लौट रहे हैं, लेकिन इस नीति का भविष्य अभी भी अमेरिकी कोर्ट्स में फंसा हुआ है। एक तरफ जहां U.S. की अपील्स कोर्ट ने इसे रोकने की कोशिश की थी, वहीं सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल इसे जारी रखने की अनुमति दी है। दिसंबर में होने वाली सुनवाई इस डिपोर्टेशन पॉलिसी की दिशा तय करेगी, जो न केवल कूटनीतिक संबंधों बल्कि ग्लोबल रिस्क के नजरिए से भी निवेशकों और अंतरराष्ट्रीय ऑब्जर्वर्स के लिए एक बड़ा 'मॉनिटरेबल' इवेंट है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.