केरल में भारी बारिश और भूस्खलन: 4 की मौत, अब उत्तरी जिलों पर संकट

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AuthorMehul Desai|Published at:
केरल में भारी बारिश और भूस्खलन: 4 की मौत, अब उत्तरी जिलों पर संकट

दक्षिणी केरल में मूसलाधार बारिश ने भूस्खलन को जन्म दिया, जिससे 24 घंटे में **361 मिमी** बारिश के बाद चार लोगों की मौत हो गई। मौसम प्रणाली अब उत्तरी जिलों की ओर बढ़ रही है, जिससे आपातकालीन तैयारियां तेज हो गई हैं। राहत कार्यों और आगे होने वाले नुकसान को कम करने के लिए राज्य की एजेंसियां और आपदा प्रतिक्रिया टीमें तैनात हैं।

केरल में बाढ़ का कहर

केरल इस वक्त गंभीर मौसम की मार झेल रहा है, जिसके कारण दक्षिणी जिलों इडुक्की और कोट्टायम में चार लोगों की दुखद मौत हो गई है। आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, इस क्षेत्र में 24 घंटे के भीतर 361 मिमी तक की अत्यधिक बारिश दर्ज की गई। इस भयंकर बारिश के कारण संवेदनशील ढलान वाले इलाकों में भूस्खलन हुआ, जिससे घरों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है।

आपदा प्रतिक्रिया और मौसम का हाल

केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने इस घटना को 'क्लाउडबर्स्ट' (Cloudburst) यानी अचानक भारी बारिश का रूप करार दिया है। उन्होंने यह भी बताया कि बारिश की तीव्रता ने स्थानीय जल निकासी और नदी प्रणालियों को बुरी तरह प्रभावित किया। हालांकि, स्थानीय अधिकारियों का मानना है कि जनता में जागरूकता और समय पर मिले मौसम अलर्ट के कारण मौतों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही।

शनिवार तक, यह भीषण बारिश का सिस्टम दक्षिणी क्षेत्रों से उत्तरी केरल की ओर बढ़ना शुरू हो गया है। अब थ्रिस्सूर से कासरगोड तक के इलाकों में भारी बारिश की आशंका है। इसके जवाब में, सरकार ने पथनामथिट्टा, इडुक्की और अलाप्पुझा जैसे संवेदनशील जिलों में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की नौ टीमें तैनात कर दी हैं।

जमीनी स्तर पर तैयारी और राहत कार्य

स्थानीय अधिकारियों ने अग्निशमन और बचाव सेवाओं की सहायता के लिए लगभग 10,000 'आपदा मित्र' स्वयंसेवकों और इतनी ही संख्या में सिविल डिफेंस कर्मियों का एक मजबूत सहायता नेटवर्क तैयार किया है। राज्य स्वास्थ्य विभाग ने राहत शिविरों के प्रबंधन और प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आपातकालीन बैठकें भी आयोजित की हैं।

निवासियों और हितधारकों के लिए, मुख्य ध्यान आने वाले घंटों में मौसम प्रणाली की चाल पर बना हुआ है। निवेशक और अन्य लोग केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से स्थानीय बुनियादी ढांचे पर प्रभाव, राहत शिविरों की स्थिति और जैसे-जैसे तूफान उत्तरी जिलों से गुजरेगा, क्या बारिश की तीव्रता में बदलाव के लिए और अधिक आपातकालीन उपायों की आवश्यकता होगी, इस पर अपडेट ट्रैक कर सकते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.