जॉर्डन के करक गवर्नरट में एक चर्च फ्यूनरल प्रोसेशन पर हुए बंदूकधारियों के हमले में **6** लोगों की मौत हो गई है और **28** लोग घायल हुए हैं। प्रशासन ने हमलावरों की धरपकड़ के लिए बड़े पैमाने पर सुरक्षा अभियान शुरू किया है।
शुक्रवार को जॉर्डन के दक्षिणी क्षेत्र करक में एक चर्च में आयोजित अंतिम संस्कार के दौरान अज्ञात बंदूकधारियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस हिंसक घटना में 6 लोगों की जान चली गई, जबकि 28 अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। पब्लिक सिक्योरिटी डायरेक्टरेट ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है और संदिग्धों की तलाश जारी है।
किंग अब्दुल्ला का कड़ा रुख
किंग अब्दुल्ला ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें कानून के दायरे में लाकर कड़ी सजा दी जाएगी। सरकार ने देश की एकता और शांति बनाए रखने का संकल्प लिया है। फिलहाल किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
ग्लोबल मार्केट पर असर
मिडिल ईस्ट में जॉर्डन को हमेशा एक स्थिर देश और डिप्लोमेटिक हब माना जाता रहा है। निवेशकों और मार्केट एनालिस्ट्स के लिए यह घटना चिंता का विषय हो सकती है, क्योंकि मिडिल ईस्ट की अस्थिरता अक्सर ग्लोबल मार्केट सेंटीमेंट और ट्रेड लॉजिस्टिक्स को प्रभावित करती है। भले ही जॉर्डन तेल का बड़ा उत्पादक नहीं है, लेकिन इस तरह की घटनाएं निवेशकों के भरोसे और क्षेत्रीय व्यापारिक सहयोग पर असर डाल सकती हैं। अब देखना यह होगा कि सुरक्षा जांच के नतीजे क्या आते हैं और क्या यह क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति में किसी बड़े बदलाव का संकेत है।
