UN Security Council Reform: इथियोपिया में एस. जयशंकर ने भरी हुंकार, वैश्विक व्यवस्था में बदलाव की मांग

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AuthorAditya Rao|Published at:
UN Security Council Reform: इथियोपिया में एस. जयशंकर ने भरी हुंकार, वैश्विक व्यवस्था में बदलाव की मांग

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यूएन सिक्योरिटी काउंसिल (UNSC) के मौजूदा ढांचे को आउटडेटेड और पक्षपाती करार दिया है। इथियोपिया में उन्होंने जोर दिया कि भारत और अफ्रीकी देशों के बीच **$100 अरब** का व्यापारिक रिश्ता होने के बावजूद, वैश्विक फैसलों में उनकी भागीदारी न के बराबर है।

इथियोपिया की यात्रा के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अदीस अबाबा के अडवा विक्ट्री मेमोरियल म्यूजियम में UN सिक्योरिटी काउंसिल पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने इसे एक ऐसी संस्था बताया जो आधुनिक दुनिया की हकीकत से कट चुकी है और भारत व अफ्रीका जैसे उभरते पावरहाउस को उचित जगह देने में नाकाम रही है।

आर्थिक संबंधों का आधार

भारत और अफ्रीका के बीच आर्थिक तालमेल तेजी से बढ़ रहा है। भारत वर्तमान में अफ्रीका का चौथा सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है, जिसके बीच द्विपक्षीय व्यापार $100 अरब के करीब पहुंच चुका है। इसके अलावा, पूरे अफ्रीका में 220 से अधिक भारतीय परियोजनाएं चल रही हैं, जिनकी कुल वैल्यू $4.5 अरब के आसपास है। ये प्रोजेक्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर, हाइड्रोपावर और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में भारतीय कंपनियों के लिए बड़े बिजनेस अवसर पैदा कर रहे हैं। जयशंकर का मानना है कि इतनी गहरी आर्थिक साझेदारी के साथ भारत और अफ्रीका को ग्लोबल डिसीजन-मेकिंग में भी उतनी ही अहमियत मिलनी चाहिए।

रिफॉर्म की राह में चुनौतियां

यह कूटनीतिक पहल ग्लोबल साउथ की आर्थिक संप्रभुता से जुड़ी है। भारत चाहता है कि एक स्थिर वैश्विक व्यवस्था बने जिससे फूड सिक्योरिटी और फर्टिलाइजर सप्लाई जैसे मुद्दों पर काम आसान हो सके। हालांकि, इस सुधार की राह आसान नहीं है। सुरक्षा परिषद के मौजूदा परमानेंट मेंबर्स अपनी वीटो पावर और प्रभाव कम होने के डर से बदलाव का विरोध कर रहे हैं।

इसके अलावा, भारत 2028-29 के टर्म के लिए नॉन-परमानेंट सीट पाने की तैयारी में है, जिसके लिए चुनाव जून 2027 में होने हैं। इस दौड़ में ताजिकिस्तान जैसी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ सकता है। निवेशकों के लिए इन कूटनीतिक वार्ताओं पर नजर रखना जरूरी है, क्योंकि यह आने वाले समय में अफ्रीका के साथ व्यापारिक जोखिमों और निवेश की स्थिरता को तय करेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.