ढाका की Jagannath University में सांप्रदायिक तनाव बढ़ गया है। विश्वविद्यालय में छात्रों के एक गुट ने दुर्गा पूजा के पहले दिन कैंपस में गौ-वध का आयोजन करने की योजना बनाई है, जिससे हालात चिंताजनक हो गए हैं।
ढाका की Jagannath University में हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए जब छात्र संगठनों ने 16 अक्टूबर, 2026 को कैंपस में गौ-वध कार्यक्रम आयोजित करने का ऐलान किया। यह तारीख दुर्गा पूजा के पहले दिन, 'महा षष्ठी' के साथ मेल खाती है, जिसने शैक्षणिक परिसर में धार्मिक संवेदनाओं को भड़का दिया है।
विवाद की जड़
यह पूरा मामला 12 अक्टूबर को कैंपस के 'मुक्तामंच' नामक केंद्रीय मंदिर क्षेत्र के पास आयोजित एक बीफ-आयोजन से शुरू हुआ। छात्रों ने आरोप लगाया कि पूजा स्थल के पास आयोजन करना और मंदिर निर्माण सामग्री का अनुचित उपयोग करना धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाना है। हालांकि आयोजकों ने विरोध के बाद अपने उपकरण हटा लिए, लेकिन इस घटना ने कैंपस में स्पेस आवंटन और धार्मिक सहिष्णुता पर एक बड़ी बहस छेड़ दी है।
प्रशासन का लचर रुख
विश्वविद्यालय प्रशासन की निर्णय लेने की क्षमता पर भी सवाल उठ रहे हैं। 14 अक्टूबर को अधिकारियों ने स्वच्छता मानकों का हवाला देते हुए कैंपस में पशु वध पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश जारी किया था, लेकिन छात्र संगठनों के भारी विरोध के बाद प्रशासन ने घुटने टेक दिए और अपना आदेश वापस ले लिया। स्थानीय पर्यवेक्षकों का मानना है कि इस तरह के अस्थिर फैसले ने कैंपस में अशांति को और हवा दी है।
फिलहाल, 'Bangladesh Islamist Chhatra Majlis' जैसे संगठन इस कार्यक्रम को व्यवस्थित कर रहे हैं। प्रशासन और मंदिर प्रतिनिधियों ने विवाद सुलझाने के लिए अन्य जगहों के विकल्प सुझाए हैं, लेकिन छात्रों के अड़े रहने के कारण कैंपस में सुरक्षा और सांप्रदायिक सद्भाव को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है।
